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Monday, February 3, 2014

अब बिना फूड लाइसेन्स खाद्य सामग्री विक्रय करने पर होगी कार्यवाही

बाडमेर। भारत सरकार द्वारा पारित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 व नियम 2011 को 5 अगस्त, 2011 को लागू किया गया है। इस अधिनियम की धारा 63 के अनुसार किसी भी खाद्य सामग्री के विक्रय करने के लिए खाद्य अनुज्ञा पत्र आवश्यक किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर . फूसाराम विश्नोई ने बताया कि इस फूड लाइसेन्स को अनिवार्य रूप से लागू करने की अन्तिम तिथि 4 फरवरी, 2014 है। उन्होने बताया कि इस अवधि तक हर खाद्य विक्रेता को हर हाल में फूड लाइसेन्स लेना अनिवार्य है। इस कानून के अनुसार कोई भी खाद्य विक्रेता खाद्य सामग्री जो मानव उपभोग के काम आती है, को बिना अनुज्ञा पत्र के विक्रय न करें। अगर बिना खाद्य अनुज्ञा पत्र के कोई भी फ़ूड  बिजनेस ऑपरेटर  किसी खाद्य सामग्री को विक्रय, स्टॉक , परिवहन, उत्पादन करता पाया गया तो उसके विरूद्ध एफएसएसए की धारा 63 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी जिसमें 6 माह का कठोर कारावास व 5 लाख रूपये जुर्माना से दण्डित किया जाएगा।
रजिस्टेशन करवाना होगा
लाइसेन्स व रजिस्टेशन व्यापारी के व्यापार के टर्न ओवर  पर निर्भर करता है। जिस व्यापारी का वार्षिक टर्न ओवर  12 लाख या इससे कम है उन्हे केवल रजिस्टेशन करवाना होगा जिसका शुल्क 100 रूपये है तथा जिनका वार्षिक टर्न टर्न ओवर  12 लाख से ज्यादा है, उन व्यापारियों को लाइसेन्स बनाना होगा जिसका शुल्क 2000 रूपये होगा। शुल्क के बारे में विस्तृत जानकारी www.fssai.gov.in  पर प्राप्त कर सकते है।
नये कानून के तहत खाद्य पदार्थ जो मानव उपभोग के लिये विक्रय, प्रासेसिंग, पैकिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन, आयात, निर्यात, परिवहन कर रहे हो, उन सभी व्यापारियों को खाद्य का लाइसेन्स/ रजिस्टेªशन करवाना अनिवार्य है। इसके अलावा सभी किराणा स्टोर, हलवाई, रेस्तरा, दूध उत्पादक एवं विक्रेता, होटल, पूजा स्थल पर प्रसाद बेचने वाले, केटरस, टिपिन सर्विस वाले भी इसमें शामिल है। इस कानून के दायरे में छोटा हाथठेला व्यापारी से लेकर बडी-बडी उत्पादक यूनिटे भी शामिल है।
आवेदन का तरीका
10 दिसम्बर, 2013 के बाद सभी फूड लाइसेन्स व रजिस्टेशन ऑनलाइन  लाईन किये जा चुके है। सभी व्यपारियों को अपना आवेदन ऑनलाइन भरना होगा। लाइसेन्स के लिए प्रत्येक फूड बिजनेस ऑपरेटरर को ई-मेल आईडी व मोबाईल नम्बर देना अनिवार्य है तथा रजिस्टेशन के लिए केवल मोबाईल नम्बर ही पर्याप्त है।
कौन कर सकेगा कार्यवाही
उन्होने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 व नियम 2011 एक विशिष्ट विधि है, इसमें 101 धाराएं है जिसकी धारा 38 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी को असीमित अधिकार प्राप्त है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी इस धारा के अधीन किसी भी स्थान जहां खाद्य सामग्री स्टॉक , उत्पवादन, संग्रहण या विक्रय की जा रही है, के परिसर की तलाशी, जाँच  आदि कर सकता है। व्यापारी के व्यापार से संबंधित समस्त रिकार्ड को उचित कारण होने पर सीज करने का अधिकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी को प्राप्त है। 

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