आस्ट्रेलिया के सिडनी में 14 जून को द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय भारतीय संस्कृति सम्मेलन का आयोजन
जयपुर,
12 जून। आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में आगामी 14 जून को द्वितीय
अंतररष्ट्रीय भारतीय संस्कृति सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें भाग लेने के
लिए भारतीय भाषा और संस्कृति संगम का 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को
नई दिल्ली से सिडनी रवाना होगा। प्रतिनिधि मंडल में राजस्थान के पांच और
छत्तीसगढ़ के चार सदस्य शामिल है।
इन
सदस्यों का सोमवार को नई दिल्ली के गुजरात भवन में केंद्रीय जनजाति मामलो
के राज्य मंत्री श्री जसवन्त सिंह भामोर ने अभिनंदन किया।
केन्द्रीय
जनजाति मामलों के राज्यमंत्री श्री जसवंत सिंह भामोर ने इंडियन फेडरेशन ऑफ
स्मॉल एंड मीडियम न्यूज पेपर एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस समारोह में
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे राजस्थान के पूर्व जनसंपर्क निदेशक डॉ.
अमर सिंह राठौड़, भारतीय भाषा एवं संस्कृति संगम के अध्यक्ष श्री कुमेश जैन,
वीणा समूह राजस्थान के प्रबंध निदेशक श्री हेमजीत मालू, फेडरेशन के
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एम.के मोदी सहित अन्य सदस्यों राजेश अग्रवाल,
श्रीमती सरला अग्रवाल, साहित्कार डॉ. जे.आर.सोनी, कथक नृत्यांगना सुश्री
अनुराधा दुबे एवं लोक नृत्यांगना सुश्री ममता अहार का माल्यार्पण और शॉल
ओढ़ाकर अभिनंदन किया।
इस मौके पर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रविन्द्र गुप्ता, महासचिव श्री लक्ष्मण पटेल और अन्य कई सदस्यगण भी मौजूद थे।
इस
मौके पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री भामोर ने कहा कि भारतीय संस्कृति और
भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ाने के लिए इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम काफी
कारगर और उपयोगी है। उन्होंने छोटे एवं मझौले समाचार पत्रों के
प्रतिनिधियों की पहल का स्वागत करते हुए ऎसी यात्राओं को प्रोत्साहन देने
के लिए भारत सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल
की ओर से डॉं. अमर सिंह राठौड, श्री हेमजीत मालू और श्री कुमेश जैन ने
भ्रमण कार्यक्रम के उद्देश्यों और पूर्व में अमेरिका, यूरोप आदि देशों की
यात्राओं के संस्मरण बताए। विेशेषकर अमेरिका के वाशिंगटन डी.सी. में
न्यूजपेपर्स के इतिहास का दर्शाने वाले अनूठे ‘न्यूजीयम’ संग्रहालय की
चर्चा करते भारत में भी ऎसा संग्रहालय बनाने की जरूरत बताई।
उल्लेखनीय
है कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण अपनी ऑस्टे्रलिया यात्रा के दौरान सिडनी
के अलावा मेलबॉर्न, केमनर्स, गोल्ड कोस्ट, ब्रिस्बेन आदि स्थलों का भ्रमण
भी करेंगे।
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