राजस्थान पुलिस अकादमी में 188 महिला कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड
पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती संख्या से आया सुखद बदलाव
-मुख्यमंत्री
जयपुर,
13 जून। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था
बनाए रखने में महिला पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते
हुए कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या के कारण राज्य पुलिस पहले
की अपेक्षा अधिक मानवीय, संवेदनशील और जवाबदेह हुई है। उन्होंने कहा कि
पुलिस बल में महिलाओं की अच्छी उपस्थिति से आया यह बदलाव सुखद है और अपनी
दृढ़ इच्छाशक्ति, कौशल तथा जज्बे से महिला पुलिसकर्मियों ने यह साबित भी
किया है कि वे अपने पुरुष सहकर्मियों से किसी मायने में कमजोर नहीं हैं।
श्रीमती राजे मंगलवार को राजस्थान पुलिस
अकादमी परिसर में 66वें बैच की 188 नव प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल्स के
दीक्षान्त परेड समारोह को संबोधित कर रही थीं।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने चुनौतियां बढ़ रही हैं और हमारी
प्रशिक्षित, कुशल तथा चुस्त पुलिस इन चुनौतियाें का बखूबी सामना करने में
सक्षम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों को आधुनिकतम
प्रशिक्षण देने तथा उपकरणों एवं तकनीक से सुसज्जित करने के सभी उपाय कर रही
है। इसके लिए साइबर एवं आर्थिक अपराधों की तफ्तीश, पुलिसकर्मियों के
व्यवहार में सुधार आदि के नए कोर्सेज प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में शामिल करवाए
जा रहे हैं। साथ ही पुलिस अकादमी में यूनिसेफ के सहयोग से चाइल्ड
प्रोटेक्शन, सामाजिक सुरक्षा तथा जेंडर बजटिंग पर भी प्रशिक्षण दिलाया जा
रहा है।
श्रीमती राजे ने पुलिस बल में शामिल
होने जा रही इन सभी नव प्रशिक्षु महिला कांस्टेबलों को शुभकामनाएं देते हुए
आशा व्यक्त की कि वे अपनी कार्यप्रणाली में निष्पक्षता तथा पारदर्शिता से
राज्य पुलिस के गौरवशाली अतीत को बनाए रखेंगी। उन्होंने प्रशिक्षु
कांस्टेबल सुंवा कंवर को बैच की बेस्ट ऑल राउंडर तथा बेस्ट इनडोर प्रोबेशनर
के रूप में सम्मानित किया। साथ ही सर्वश्रेष्ठ फायरिंग के लिए प्रशिक्षु
कांस्टेबल सुश्री मुकेश को तथा बेस्ट आउटडोर प्रशिुक्षु के रूप में श्रीमती
रीनू जाट को सम्मानित किया। श्रीमती राजे ने इन महिला पुलिसकर्मियों की
आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और उनके द्वारा दिखाए गए विभिन्न कौशल
प्रदर्शनों की सराहना की।
इससे पहले गृह मंत्री
श्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि अपने विभिन्न नवाचारों तथा प्रशिक्षण
पाठ्यक्रम में सुधार के कारण राज्य पुलिस अकादमी उत्तर भारत की सर्वश्रेष्ठ
पुलिस अकादमी बन गई है। इस अकादमी में एक साल में करीब 50 हजार पुलिस
अधिकारियों-कर्मचारियों को आधुनिकतम प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
पुलिस
महानिदेशक श्री मनोज भट्ट ने कहा कि इन सभी प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मियों
को आत्मरक्षा तथा मॉडर्न पुलिसिंग का आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि
आवश्यकता पड़ने पर ये सभी प्रदेश के स्कूलों एवं कॉलेजों में बालिकाओं को
आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे सकें। राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक श्री
राजीव दासोत ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महापौर श्री अशोक लाहोटी,
जिला प्रमुख श्री मूलचन्द मीणा, टोंक विधायक श्री अजीत मेहता सहित बड़ी
संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, नव प्रशिक्षुओं के परिजन तथा अन्य
लोग उपस्थित थे।
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