बाढ़ प्रभावित जिलाें के लोगों को दी
एक करोड़ 68 लाख रुपये की तत्काल सहायता
-गृहमंत्री
जयपुर,
2 अगस्त। आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा
है कि राज्य सरकार प्रदेश के बाढ़ प्रभावित बाड़मेर, पाली, सिरोही एवं जालोर
में जहां अतिवृष्टि से लोगों के जान-माल की हानि एवं मकानों की क्षति हुई
है, वहां राज्य सरकार ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर प्रभावित परिवारों को
हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश
में अब तक बाढ़ के दौरान कुल 59 लोगों की मृत्यु हुई, इनमें से 42 पात्र
व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से 4 लाख रुपये अर्थात् एक करोड़ 68 लाख
रुपये की आर्थिक सहायता जारी की जा चुकी है।
श्री कटारिया बुधवार को शासन सचिवालय स्थित अपने कक्ष में आपदा प्रबंधन एवं
सहायता विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने
बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के लोगों को 10-10 लाख रुपये का
रिवाल्विंग फंड भी दिया जा चुका है तथा बेघरबार हुए लोगों को 3 हजार 800
रुपये नकद सहायता भी दी जा रही है।
आपदा एवं
प्रबंधन मंत्री ने बताया कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान बाड़मेर, पाली, सिरोही एवं
जालोर जिलों में 19 लोगों की डूबने से मृत्यु हुई, इनमें से 15 मृतकों के
आश्रितों के प्रत्येक को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस मानसून में लगभग 361.92 मिली बारिश होने से प्रदेश के
बाड़मेर, पाली सिरोही एवं जालोर के एक हजार 290 से ज्यादा गांव प्रभावित
हुए है।
श्री कटारिया ने बताया कि बाढ़ के दौरान
पानी में बहने वाले 36 व आकाशीय बिजली गिरने से 20 एवं मकान की दीवार गिरने
के कारण 3 इस प्रकार कुल 59 व्यक्तियों की मृत्यु हुई। उन्होंने बताया कि
बाढ़ की स्थिति से पूर्व ही भारी वर्षा की चेतावनी समय पर सभी जिलों को दी
गई थी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले जालोर में भारी वर्षा से कई गावों के
जलमग्न होने की सूचना मिली। बाढ़ की सूचना मिलते ही सभी प्रभारी मंत्रियों
को 24 घण्टे में बाढ प्रभावित जिलों में पाली, जालोर, सिरोही, बाडमेर व
जोधपुर में पहुचने के निर्देश दिये गये थे ताकि प्रभावितों को तत्काल
सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
आपदा प्रबंधन मंत्री
ने बताया कि बाढ़ सहायता के लिये जिन क्षेत्रों से भी लोगों के पानी में
फंसे होने की सूचना मिली, उन सभी को NDRF, SDRF, ARMY, स्थानीय लोगों की
सहायता से बचाया गया। उन्होंने बताया कि हैलीकाप्टर जोधपुर व फलोदी में
स्टेशन किये गये थे जिन्हें सूचना मिलते ही दुर्गम स्थानों पर फंसे जालोर
के 39 व पाली के 3 लोगों को एयरलिफ्ट कर बचाया। जिस पर लगभग 3 करोड़ रुपये
का व्यय आयेगा। गत वर्ष भी 96 लोगों को एयरलिफ्ट कर बचाया गया था।
उन्होेंने
बताया कि प्रदेश के जालोर, सिरोही, पाली, बाड़मेर जिलों में 24 राहत शिविर
खोले गये, इनमें एक हजार 514 लोगों को सहायता दी गई है। इन 4 जिलों में
अतिवृष्टि एवं बाढ़ से 4 हजार 614 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए तथा 5
हजार 518 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, जिन्हें एनडीआरएफ मानदण्ड के
अनुसार सहायता शीघ्र ही उपलब्ध कराई जायेगी। इसी प्रकार इन 4 जिलों में बाढ़
से 5 हजार 699 पशु हानि हुई है इसके लिए भी पशुपालकों को निर्धारित
मानदण्ड अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जायेगी।
यहां
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गत वर्ष ही SDRF के 229 लोगों को फ्लड
डिजास्टर रेसपोन्स कोर्स के लिए 60 लाख रुपये व्यय कर कलकत्ता से विशेष
प्रशिक्षण दिलवाया। जिन्हाेंने इस बाढ से सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू किया।
इन प्रशिक्षित लोगों ने 4 जिलों में बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में कुल एक हजार
309 लोगों को बचाया गया। गत 3 वर्षो से हेलीकाप्टर्स को बाढ से पहले ही
निकटतम स्थानों पर रखा जाता है। इस वर्ष जोधपुर व फलोदी में हेलीकाप्टर रखे
गये।
बैठक आपदा प्रबंधन के शासन सचिव एवं
आयुक्त नागरिक सुरक्षा श्री हेमंत गैरा ने बाढ़ प्रभावित जिलों में अब तक
पहुंचाई गई राहत सहायता को प्रेजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से प्रस्तुत
कर बताया कि 42 लोगों को एयर लिफ्ट कर बचाया गया। उन्होंने बताया कि विभाग
की ओर से अब तक बाढ़ प्रभावितों को एक करोड़ 68 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
दी जा चुकी है। इस अवसर पर ओएसडी प्रथम श्री ब्रिजेन्द्र सिंह, वित्तीय
सलाहकार श्री विश्वजीत सिंह, सहायक सचिव श्री रामखिलाड़ी मीना तथा विशिष्ट
सहायक श्री महेन्द्र पारख एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
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