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Thursday, February 5, 2015

शहर की रात्रि कालीन सुरक्षा होमगार्डस के कंधों पर, पुलिसकर्मी नदारद

               भगाराम पंवार (9887119003)
बालोतरा। सर्दी के मौसम में औद्योगिक नगरी बालोतरा की सुरक्षा राम भरोसे है। पुलिस के जिन जवानों के भरोसे शहरवासी घर व व्यवसाय के सुरक्षा की चिंता छोडकर चैन की नीन्द सोते है वो जिम्मेदार पुलिसकर्मी खुद शरद रातों में गश्त के नाम पर उपस्थिति रजिस्ट्रर में हाजरी दर्ज कर कर्तव्यों की इति कर रहे है, कहने को पुलिस विभाग रात में मुस्तैद गश्त का दावा करता है पर रात में सूनी पडी गलियों में नदारद पुलिसकर्मी विभाग के दावों को गलत साबित कर रहे है। शहर के मुख्यक्षेत्रों में पुलिस कर्मी नदारद दिखते है परन्तु गश्त में लगाये गये होमगार्ड मुस्तैदी से डुयटी करते जरूर नजर आते है। ऐसे में शहर की रात्रि कालीन सुरक्षा पुरी तरह से होमगार्ड पर डाल कर पुलिस डयटी मुक्त हो गई है, कहा जाए तो अतिशयोक्ती नही होगी। शहर के शास्त्री चौक, भैरू बाजार, अग्रवाल कॉलोनी, समदडी रोड़, पोल के अन्दर गांधीपुरा, आगडिया रोड़ आदि इलाकों में होमगार्ड की गश्त दिखती है,परन्तु पुलिसकर्मी कहीं नहीं दिखते। इन इलाकों के अलावा शेष स्थानों पर रात के समय पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है।
सुबह करीब पांच बजे थाने की गाडी राउड में निकलती है उसके पश्चात गाडी में तैनात पुलिस कर्मी चाय थडियों पर चुस्कियां लेने में मगशुल दिखते हैं। इन दिनों बालोतरा में वाहनों की चोरियों के साथ घरों में चोरियों की वारदाते बढ़ रही है। ऐसे में रात के समय पुलिस का गैर जिम्मेदाराना रवैया अवांशित वारदातों के बढने का कारण बन सकता है। देर रात तक शहर की सडकों व बाजारों में शराबी व असामाजिक तत्व कानून व्यवस्था को बिगाड कर अमन चैन को ग्रहण लगा सकते है। परन्तु बालोतरा पुलिस का काम चलाऊ रवैया अपराधियों में पुलिस के खौफ को खत्म कर रहा है। बालोतरा में उप पुलिस अधीक्षक व थानाधिकारी खुद एकाथबार भी रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था को संभालने तक नहीं निकल रहे है। ऐसे में वास्तव में शहर की सुरक्षा राम भरोसे है।

औद्योगिक नगरी में चरमराई यातायात व्यवस्था

बालोतरा। शहर में यातायात नियमों को लेकर ना तो जन जागरूक है और ना ही यातायात पुलिस सर्तक। शहर में दुपहिया वाहन चलाते समय मोबाइल पर बतियाने और तीन सवारी बिठाकर दुपहिया वाहन दौडाने जैसे नजारे रोजाना देखने को मिलते है। शहर में यातायात नियमों का इस तरह मखौल उडना अब आम बात हो गई है। यातायात नियमों की पालना को लेकर कोई गंभीर नहीं है। इस कारण दुपहिया वाहन चालकों को वाहन चलाते समय मोबाइल पर बतियाने में कतई हिचकिचाहट नहीं होती। उन्हें गिरने या चालान काटने का भय भी नहीं रहा है। कई दुपहिया व चार पहिया वाहन बिना नम्बर प्लेट के ही दौड़ते दिखते है। साइड लेते समय इंडिकेटर का इस्तेमाल करने जैसा नियमों मानो यहां के वाहन चालकों को पता ही नहीं।
खासतौर से युवाओं में यातायात नियतों की जानबूझ कर अवहेलना करना आदत में शुमार होती जा रही है। यातायात नियमों की पालना करने के लिए गंभीरता से नहीं लेने के कारण सडक़ दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। कई नन्हें बच्चे बेखौफ होकर सडकों पर वाहन दौडाते है। वहीं सीट बैल्टका उपयोग नजदीक समय में संभव नहीं लग रहा। इतना ही नहीं यातायात पुलिस द्वारा कभी कभार किसी गाड़ी को रूकवाकर पुछने की कोशिश करने करने पर किसी नेताओं को बात करवाकर वे निकल जाते है। और पुलिस कोई कोर्रवाही नहीं कर पाती है।

जहां मन चाहा, वहां बना दिया निजी बस स्टैंड

जगह-जगह बने अवैध बस अड्डों से यातायात प्रभावित, कई बार शिकायतें लेकिन नहीं हुई स्थायी व्यवस्था 
बालोतरा। शहर में बने अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के संबंध में प्रशासन स्थानीय निकाय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार पूर्व में प्रशासन, निकाय परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर इन अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर नदी के पास निजी बसों के खड़े रहने के लिए स्थान भी निर्धारित किया गया था। इसके बाद इस योजना पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो रहे कारगर प्रयास 
शहरमें बने अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के संबंध में प्रशासन स्थानीय निकाय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार पूर्व में प्रशासन, निकाय परिवहन विभाग ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार कर इन अवैध स्टैंडों को अन्यत्र स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर नदी के पास निजी बसों के खड़े रहने के लिए स्थान भी निर्धारित किया गया था। इसके बाद इस योजना पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। शहर में भीड़ भरे स्थानों पर बनाए गए इन अवैध बस स्टैंडों के कारण मुख्य मार्ग भी संकरे हो गए हैं। जानकारी के अनुसार जगह-जगह बने इन स्टैंडों के आसपास कई दुकानदारों ने अस्थायी केबिन भी लगा लिए हैं। वहीं इन स्टैंडों के पास कई ठेले वाले भी खड़े रहते हैं। मार्ग पर बने इन केबिनों ठेला चालकं के खड़े रहने की वजह से शहरवासियों को मार्ग पर आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बसों के आवागमन के दौरान इन स्टैंडों पर टैक्सियों का जमावड़ा रहने से भी मार्ग पर कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।

राजस्व का नुकसान 
निजी बस संचालकों की ओर से शहर में मनमर्जी से बनाए गए स्टैंडों के कारण नगरपरिषद प्रशासन को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार इन बस संचालकों की ओर से लंबे समय से नगरपरिषद की भूमि बस स्टैंड के लिए इस्तेमाल किए जाने के बावजूद निकाय को किसी प्रकार का शुल्क नहीं दिया जा रहा है।
आवागमन में होती है परेशानी 
शहरमें भीड़ भरे स्थानों पर बने इन स्टैंडों के कारण मार्ग पर आवागमन करते समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन स्टैंडों पर देर शाम तक बसों का आवागमन लगा रहता है तथा यहां बने केबिन ठेलों पर आवारा किस्म के लोग खड़े रहते हैं, जिसके कारण सभ्य परिवार के लोगों का मार्ग से गुजरना मुश्किल हो रहा है।

बीच राह आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी बनी परेशानी का सबब

बालोतरा। आवारापशुओं की समस्या शहर की ज्वलंत समस्याओं में से प्रमुख है। मगर जिम्मेदार नगरपरिषद प्रशासन इसके निदान को लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। लिहाजा शहर के मुख्य चौराहों और सडक़ों पर आवारा पशुओं की धमाचौकड़ी आमजन के लिए खतरा साबित हो रही है। गुरूवार को शहर के समदड़ी रोड इलाके में दो आवारा पशुओं ने धमाचौकड़ी मचाई। जिन्हें मोहल्लेवासियों ने पानी डाल लाठियों से बमुश्किल अलग किया। गनीमत रही कि कोई उनकी चपेट में नहीं आया, वरना अनहोनी भी हो सकती थी।

पाटोदी क्षेत्र के कई गांव रोडवेज बस सुविधा से वंचित

बालोतरा। क्षेत्र तथा आसपास के ग्रामीण अंचलों में रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को मजबूरन प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ रहा है। स्थानीय मार्गों पर निजी बसों का एकाधिकार होने तथा रोडवेज बसों की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को निजी बस संचालकों की मनमानी के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के बडऩावा, नवातला, खनौड़ा, नवोड़ा बेरा, परेऊ, गोपड़ी, रिछोली, तिरसींगड़ी, साजियाली सहित आसपास के कई गांव आज भी रोडवेज बस सुविधा नहीं जुड़े हैं। ग्रामीणों ने कई बार विभाग अधिकारियों को अवगत कराया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भली भांति ग्रामीणों की इस समस्या से वाकिफ है। इसके बावजूद पिछले लंबे समय से ग्रामीण इस परेशानी से जूझ रहे हैं। 

‘दिल तअ हो गईल तोहार’ में अनारा का धमाकेदार आईटम डांस

 हाजीपुर। आज हाजीपुर के उमेश सिनेमा हॉल में  भोजपुरी फिल्मो की खूबसूरत और सेक्सी अदाकारा अनारा गुप्ता ने फिल्म ‘दिल तअ हो गईल तोहार’ में एक तडकता -भरकता आईटम नंबर शूट किया .हमेशा अपनी फिल्मो में अपने लटको झटको से दर्शको को नचाने पर मजबूर करनेवाली हॉट और सेक्सी अभिनेत्री अनारा गुप्ता ने इस फिल्म के लिए बेहद ही अच्छा आईटम सांग किया है .कोरिओग्राफर महेश आचार्य  ने आईटम सांग को बड़े ही अच्छी तरह से कोरिओग्राफ किया है और अनारा ने उसे पूरी अच्छी तरह से निभाया भी है।

   निर्देशक जितेंद्र कुमार सुमन की फिल्म में अजीत आनंद और मोहिनी घोष मुख्य भूमिका निभा रहे है .अब बहुत जल्द इस फिल्म की आगे की शूटिंग बिहार के राजगीर में की जाने वाली है..फिल्म को दर्शको के मनोरंजन के ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है ताकि दर्शक फिल्म को देख उसका पूरा आनंद उठाये. फिल्म में  सभी  गाने  काफी  अच्छे है जिसके  गीतकार जितेंद्र कुमार सुमन,सुजीत के. और पवन पाण्डेय है वही संगीत पप्पू जिम्मी गुप्ता द्वारा दिया गया है.  फिल्म में अन्य कलाकारों में बृजेश त्रिपाठी,गोपाल राय ,रीचामणि त्रिपाठी,पूजा सिंह,आर.एस.गिरी,मुश्कान दीनानाथ,नंदनी दुबे,मोनिका यादव,रूपा सिंह,रानी चोपड़ा,संजय रजक,सतीश साहनी ,धर्मेन्द्र सम्राट,,संजय पाटिल ,मन्टुलाल,देवेन्द्र कुमार,जैसे कई सुलझे हुए कलाकार है इन सभी के साथ -साथ गीतकार और अभिनेता राकेश मिश्रा भी इस फिल्म में गेस्ट ऍपेरियन्स दे रहे है .

गिरते भू जल स्तर से सिंचाई की समस्या गहराई

किसानों की चिंता बढ़ी, गर्मी में बढ़ सकती है पेयजल समस्या 
बालोतरा/सिवाना। उपखंड क्षेत्र में बारिश की कमी व अत्यधिक जल दोहन से घट रहा भू जल स्तर क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों के लिए गत कई वर्षों से चिंता का विषय बना हुआ है। यह सिलसिला पिछले डेढ़ दशक से जारी रहने के कारण वर्तमान में सिंचाई व पेयजल समस्या किसानों के लिए चिंताजनक हो गई है। बालोतरा उपखंड सहित सिवाना के देवंदी, कुशीप, मवड़ी ग्राम पंचायतों में जल स्तर सूखने के कारण सैकड़ों कुएं नकारा हो चुके हैं। लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है। वहीं जलदाय विभाग को आसपास के गांवों से कई किलोमीटर दूरी से पानी मंगवाकर काम चलाना पड़ रहा है। गिरते जल स्तर के कारण किसानों का कृषि व्यवसाय चौपट होने के कगार पर है। अपर्याप्त पानी के कारण कृषि कार्य प्रति वर्ष किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होता जा रहा है।
स्थाई पेयजल योजनाओं की सख्त जरूरत 
क्षेत्र में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए गत एक दशक पूर्व प्रस्तावित की गई फलसूंड-पोकरण-बालोतरा-सिवाना तथा उम्मेद सागर-धवा-कल्याणपुर-समदड़ी-खंडप पेयजल योजनाएं बदलती सरकारों के साथ राजनैतिक फायदे का मोहरा बनती जा रही है। यह योजनाएं पूर्ण रूप से क्रियांवित होती नजर नहीं आने से स्थायी पेयजल समस्या का समाधान दूर की कौड़ी बनता जा रहा है। आगामी गर्मी तक यह योजनाएं पूरी हो जाना ग्रामीणों के लिए अतिआवश्यक है। अन्यथा गर्मी में बालोतरा व सिवाना कस्बे सहित क्षेत्र के दो तिहाई गांवों में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचना संभावित है।
पुनर्भरण व जल संग्रहण के उपाय नहीं 
क्षेत्र में गिरते जल स्तर को रोकने के लिए सरकारी स्तर पर लगातार गत डेढ़ दशक से जनप्रतिनिधियों व संबंधित विभाग के अधिकारियों ने पुनर्भरण व जल संग्रहण योजनाओं को प्रस्तावित व स्वीकृत करवाने के प्रति किसी भी प्रकार की दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिले की सर्वाधिक पहाड़ी सरहद से घिरे सिवाना क्षेत्र के छप्पन की पर्वत मालाओं से निकलने वाले प्रति वर्ष बरसाती पानी को सहेजने के लिए बड़े बांध, छोटे एनिकट, वाटर हार्वेस्टिंग, चेकडेम, खडीन, खेत तलैया जैसी योजनाएं नहीं बन पाने के कारण जल स्तर पैंदे बैठ रहा है तथा किसानों व ग्रामीणों के सामने पेयजल की समस्या गहराती जा रही है।

Saturday, January 17, 2015

आधुनिक युग में भी कौशलता की मांग बढ़ रही है : रतन खत्री

35 महिलाओं ने सीखा कशींदाकारी का प्रशिक्षण,दिए प्रमाण पत्र
बालोतरा। जिला उद्योग केंद्र बाड़मेर एवं थार वुमन रिसर्च डवलपमेंट सोसयटी बालोतरा के संयुक्त तत्वाधान में गृह उद्योग परियोजना के अन्र्तगत तिमाही कशींदाकारी प्रशिक्षण का समापन वार्ड संख्या 22 महादेव कॉलोनी में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति रतन खत्री,पार्षद हनुमान मेघवाल,पूर्व पार्षद रावताराम माली,जिला उद्योग केंद्र से देवेंद्र पंवार,रेडी सचिव देवाराम गोदारा,एटीडीसी जयपुर ट्रैनर गुमान गुर्जर,रजनी मीणा,थार संस्थान सुपरवाईजर चुतराराम चौधरी इन सभी की मौजूदगी में 35 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सभापति रतन खत्री ने कहा कि आधुनिक युग में कौशलता की मांग के अनुरूप बाजार में सामान की उपलब्धता होने पर ग्राहक उसे हर वक्त खरीदने के लिए उत्सुक रहता है मगर सामान की किस्त उच्चतम स्तर की होने पर बाजार में टीक सकती है तथा उपभोक्ता उससे संतुष्ट हो सकता है। इस प्रकार हाथ से बनाएं उत्पादों की मांग और बढ़ सकती है।
जिला उद्योग केंद्र के देवेंद्र पंवार ने कहा कि जागरूकता से अपने जीवन में आर्थि संबलता को प्राप्त कर सकते है। पार्षद हनुमान मेघवाल ने कहा कि थार संस्था द्वारा कच्ची बस्तियों की महिलाओं स्वरोजगार से जोडऩे का कार्य स्वागत योग्य है। इस प्रकार 35 महिलाओंं ने सफलता पूर्वक कशींदाकारी का प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा आर्टीजन कार्ड व जिला उद्योग केंद्र में पंजियन करवाकर आत्मनिर्भरता एवं नारी शक्ति को स्वावलंबन की श्रेणी में अग्रसित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया।

‘गुमशुदा पत्नी’ की पता लगाने के लिए एसपी से ‘पति ने लगाई गुहार’

 पिछले दो माह से नहीं लगा हे विवाहिता का कोई सुराग 
  सुनिल दवे समदड़ी (8890959413)
बालोतरा। समदड़ी थानान्र्तगत करमावास गांव में बीते सवा माह पूर्व एक विवाहिता को भगाकर ले जाने के मामले में समदड़ी पुलिस द्वारा कोई कार्यवाहीं नही होती देख पीडित प्रार्थी दुदाराम पुत्र देवाराम जाति नाई निवासी करमावास ने जिला पुलिस अधिक्षक बाड़मेर को ज्ञापन सौंपा। पीडित ने पुलिस अधिक्षक को दिए ज्ञापन में बताया के उसकी पत्नी को गुमशुदा हुए करीबन सवा माह से ज्यादा का समय बीत चुका है एवं पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है तथा उसके बच्चों व परिवारजनों का भी बुरा हाल है। पीडित ने बताया कि प्रकरण संख्या 258/14 जो समदड़ी थाने में दर्ज है।
पीडित ने अपने तीन बच्चों के साथ पुलिस अधिक्षक के समक्ष पेश होकर अतिशीघ्र न्याय दिलाने की मांग करते हुए नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

21 जनवरी से अब फिर गूंजने लगेगी ‘शहनाईयां’

बालोतरा। मलमास के चलते करीब एक माह से शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर लगा विराम गत बुधवार को शाम 7:28 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही समाप्त हो गया। अब शुभ एवं मांगलिक कार्यों की शुरूआत पुन:अब गुरूवार से हो गई है। इसके बाद 21 जनवरी को पहला सावा नौ रेखा के रूप में आएगा और शहनाईयां फिर से गूंजने लगेगी। जानकार पंडितों के अनुसार 21 जनवरी से 10 मार्च तक सावों की धूम रहेगी। 24 फरवरी को फूलेरा दोज के अबूझूर्त एवं स्वयं सिद्ध मुहूत्र्त भी रहेंगे। इसमें विभिन्न समाजों के सामूहिक विवाह सम्मेलन के साथ एकल विवाह भी संपन्न होंगे। इसके पश्चात 15 मार्च को मीन मलमास शुरू होने से एक बार फिर शुभ एवं मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा जो 14 अप्रेल तक रहेगा तथा उसके बाद 21 अप्रेल को पहले सावे के साथ शहनाईयां गूंजने लगेगी।

इन सावों में गूंजेगी शहनाईयां
21 जनवरी नौ रेखा
26 जनवरी सात रेखा
29 जनवरी छह रेखा
30 जनवरी नौ रेखा
8 फरवरी आठ रेखा
10 फरवरी आठ रेखा
15 फरवरी सात रेखा
7 मार्च सात रेखा
9 मार्च छह रेखा
10 मार्च आठ रेखा

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...