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Thursday, April 14, 2016

मज़हब की दीवार तोड़कर कर नाज़नीन करती है राम की पूजा, पढ़ती है हनुमान चालीसा

वाराणसी। जहां धर्म के नाम पर कुछ लोग एक दूसरे के बीच दीवार खड़ी कर लेते हैं, वहीं इन सब बातों से परे एक लड़की भाईचारे की नई इबारत लिख रही है। जी हां, हम बात कर रहे हैं बनारस की रहने वाली नाज़नीन अंसारी की। नाज़नीन एक मुसलमान है, लेकिन रोज़े और नमाज़ के साथ-साथ नाज़नीन रोज एक धर्मनिष्ठ हिन्दू के भांति हाथ में दीप लिए भगवान राम की आराधना करती हैं। साथ ही उतनी ही सहजता से हनुमान चालीसा का पाठ भी करती हैं।ऐसा करने के पीछे नाज़नीन का उद्देश्य लोगों में एक-दूसरे के धर्म के प्रति सद्भावना के भाव को बढ़ाना और एक-दूसरे के धर्म को सम्मान देना है।मुसलमानों में हिन्दू धर्म से जुडी भ्रांतियों को दूर करने के लिए नाज़नीन ने हनुमान चालीसा के पाठ से अपने नेक उद्देश्य की शुरुआत की।
यहां तक कि नाज़नीन ने हनुमान चालीसा को उर्दू में भी लिखा है, ताकि हनुमान चालीसा को उर्दू पढ़ने वाले आसानी से पढ़ सकें। अपने इस ख़ास उद्देश्य के बारे में नाज़नीन बताती हैंः“साल 2006 में जब संकट मोचन मंदिर में बम ब्लास्ट हुआ तो ये आम धारणा बन गई कि ये किसी मुसलमान ने ही किया होगा। इसी बात ने मुझे इसके लिए प्रेरित किया और हम सत्तर महिलाओं ने वहां जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।”नाज़नीन ने न केवल हनुमान चालीसा को उर्दू लिपि में लिखा है, बल्कि दुर्गा चालीसा और शिव चालीसा को भी उर्दू में लिखा है।नाज़नीन कहती हैं कि उन्हें अपने ही समुदाय के विरोध का सामना करना पड़ा, जो अब तक जारी है।
लेकिन उन्होंने इस बात की परवाह न करते हुए अपने इस सांप्रदायिक सौहार्द के उद्देश्य को कायम रखा। वह बताती है कि उनके माता-पिता उनके इस नेक कार्य में उनके साथ हैं और यही उनको हौसला और हिम्मत देता है।नाज़नीन के इस ख़ास अभियान से कई और मुस्लिम महिलाएं जुड़ गई हैं, जिनका मकसद सांप्रदायिक सौहार्द को आगे बढ़ाना है। वहीं कई हिन्दू साथी भी इस अभियान से जुड़े हैं। इस अभियान का लोगों पर असर को लेकर डॉक्टर राजीव श्रीवास्तव कहते हैंः “आज बनारस में हिन्दुओं के कई धार्मिक कार्यक्रमों में मुसलमान धर्म गुरु और मुसलमानों के धार्मिक कार्यक्रमों, त्योहारों में हिन्दू धर्मगुरु तक पहुंचते है।
नाज़नीन की यह पहल उन लोगों के लिए एक सबक की तरह है, जो देश को धर्म के नाम पर बांटने के प्रयासों में लगे हैं। वह धर्म ही नहीं, जो इंसान को बांटे। धर्म वह है, जो इंसान को इंसान से जोड़े रखता है।

Saturday, February 8, 2014

आखिर कब तक कन्या . . . . .?

मां ले तुझे जन्म दिया भ्रूण न तेरा गिराकर,
दादी तेरी सुलाती रहीं हर रात लोरी सुनाकर,
मौसी ने देख तुझे कितना लाड़ लड़ाया,
बहिनों ने देख तुझे कितने प्यार से खेल खिलाया।
खुद हारकर हर पल बहिनों ने तुझे जिताया।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों,तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की। ।
अरे गर्भ धारण करते हीं आपने खुशियां खुब मनाई,
सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखते हीं नीयत में खराबी आई,
आई खराबी नीयत में रिपोर्ट में कन्या भ्रूण दिखाई,
बीपी हाई हो गई साहब की सर चकरा कर मूर्छा आई।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों,तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की। ।
होश में जब आए भैयाजी कहा-कन्या भ्रूण गिरवाओं,
दुनिया में ना आए ये बेटी मुझे बेटा कोई दिलवाओं,
पाप मन में आते हीं कुदरत ने ऐसी दशा बनाई,
आधे अंग को लकवा मार गयो अब मां दादी मौसी की याद आई।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की।।













हत्या कन्या भ्रूण की करते तो शादी किससे करता,
किसको मन की बात बताता तू किससे प्यार करता,
कन्या अगर न होती तो जीवन में बहार न आती,
कन्या न आती जीवन में तो जीवन में प्रेम ज्योति कौन जलाती।।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों,तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की।।
अब भार नहीं कन्याओं का ऊंचे पदों पर किरण बैदी जैसे रौब जमाती,
थानेदार,एसपी कलैक्टर व प्रधानमंत्री बन जाती,
अंतरिक्ष में सैर कर कल्पना चावला की तरह नया इतिहास रचाती।
कन्या न होती भैया हेमा,माधुरी,ऐश्वर्या कौन कहलाती,
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की।।
कन्या भ्रूण हत्या करने वालों की अब तो सामत आई,
लिंग जांच के सभी उपकरणों पर पूरी पाबंदी सरकार ने लगाई,
सरकार के कड़े कानून ने अब ऐसी धाक जमाई,
कन्या भ्रूण हत्या करने वालों पर सख्त सजा बनाई।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों,तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की।।
कहे रामेश्वर आसेरी,
प्रकृति के नियम को कभी ना बदलों
मार पड़ेगी कभी विनाश रूपी हाथ की तो पीढिय़ा याद करेगी,
आने वाली पीढ़ीयों को अब कन्याओं के सपने आएंगे,
कन्या तो रहेगी नहीं समलैंगिक विवाह रचायेंगे।
फिर क्यों करते हो हत्या लोगों,तुम इस लाचार की।
ये कन्या भ्रूण निशानी है सृष्टि के इतिहास की।।

रचियता
किडनी डॉनर कवि
जीनगर रामेश्वरलाल आसेरी
नेहरू कॉलोनी बालोतरा। 9875218375


Sunday, February 2, 2014

डॉ पंवार को राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम के चैयरमेन बनाने पर खुशी जाहिर की

बालोतरा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ ललित के पंवार को राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम का चैयरमेन बनाने पर विभिन्न संगठनों ने बधाई संदेश प्रेषित किए। मुस्लिम समाज अध्यक्ष हाजी फैयाज मोहम्मद व गुलाम रसूल टांक ने बताया कि डॉ ललित के पंवार को अल्पसंख्यक मंत्रालय के साथ ही राष्ट्रीय वक्र्फ विकास निगम का चैयरमेन का अतिरिक्त प्रभार सौंपने पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा देश में वक्फ की करीब 500 करोड़ से अधिक संपति की सुव्यवस्था की दृष्टि से निगम का विधिवत गठन प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह व यूपीए चैयरपर्सन सोनिया गांधी ने एक समारोह में किया,जिसका कार्यभारी डॉ पंवार को सौंपा गया। मुस्लिम समाज के मेहबूब भाई,दंताला दरगाह कमेटी के कासम भाई,भंवरू खां,नासिर खां,हाजी मोहम्मद सलीम,मोहम्मद युसुफ भांतगर,रोटरी क्लब संस्था  व अध्यक्ष डॉ संतोषसिंह शिवनानी,कमलेश बोहरा,डॉ खुशाल खत्री,नाकोड़ा ट्रस्टी हुल्लास बाफना,पूर्व पालिकाध्यक्ष पारसमल भंडारी सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने डॉ ललित के पंवार को बधाई देते हुए खुशी व्यक्त की।

Monday, January 27, 2014

फेसबुक में अपनी अश्‍लील पोस्‍ट देख दो बच्‍चों की मां ने किया सुसाइड

फेसबुक पर अपने खिलाफ अश्‍लील पोस्‍ट देखकर दो बच्‍चों की मां ने रविवार रात को सुसाइड कर लिया. बताया जाता है कि महिला ने इसकी जानकारी पुलिस को भी दी, लेकिन कोई हल न निकलने पर उसने सुसाइड कर लिया.
कोच्‍िच के पास चेरनाल्‍लोर में यह घटना घटी. अंबलापूझा जिले की रहने वाली विजिशा को थोटापल्‍ली का रठीश परेशान करता रहता था. रठीश विजिशा के मोबाइल में बार बार मैसेज भी करता रहता था. इस सारे मामले की जानकारी विजिशा ने पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने मामला नहीं दर्ज किया.
रठीश की इस हरकत की जानकारी विजिशा ने अपने पति के साथ पुलिस को दी, लेकिन मामला इधर उधर में फंसा रहा. इतना ही नहीं पुलिसवालों ने इनके साथ बुरा बर्ताव भी किया. मिली जानकारी के मुताबिक विजिशा के भाई के साथ रठीश का कुछ वित्‍तीय लेनदेन चल रहा था.
सूत्रों के मुताबिक रठीश के अंबलापूझा जिले के एक विधायक से करीबी संबंध है, शायद इसलिए पुलिसवाले अपने ऊपर पड़ रहे पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से उसके खिलाफ केस दर्ज करने से कतरा रहे है. हालांकि अब पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि रठीश के खिलाफ हमने जांच शुरू कर दी है.

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...