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Thursday, January 15, 2015

मकर संक्रान्ति पर किया दान,गायों लिए बनाया हलवा

बालोतरा। घांची समाज के बाबा रामदेव मंदिर पर मकर संक्रान्ति के उपलक्ष में दान पुण्य किया गया। पारस भाटी ने बताया कि दान पुण्य के दौरान मूक पशुओं के लिए हलवा बनाकर शहर के हर गली मौहल्ले व गौशाला में पशुओं को खिलाया गया। उन्होंने बताया कि घांची समाज नवयुवक मण्डल संस्थान के बैनर तले गरीब व जरूरतमंद लोगो के साथ राजकीय नाहटा चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को कम्बल वितरित किये गये। इस आयोजन मे समाज के साथ अन्य लोगो ने भी बढचढ कर भाग लिया।
इस अवसर पर बायतु विधायक कैलाश चौधरी, संस्थान के अध्यक्ष महेश भाटी, पार्षद धनराज, शंकर परिहार, रामेश्वर सोलंकी, छगन चौहान, खेताराम गहलोत, सोहन भाटी, छेलाराम गहलोत,कांतिलाल गहलोत, जसराज चौहान, खिमाराम बोराणा, वगताराम चौहान, सुजाराम गहलोत, मुलाराम भाटी, किशन भाटी, यश क्लब अध्यक्ष सुजाराम सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित थे। 

शहर व ग्रामीण अंचल मे दिनभर जले अलाव

बालोतरा। उपखंड समेत समूचे क्षेत्र में पिछले दो दिनों में तापमान में गिरावट आई है। बुधवार रात्रि में आकाश में घणघोर बादलों के साथ तेज हवाओं के चलते सर्दी का असर भयकर रूप से बढ़ गया है। गुरूवार अल सुबह तेज हवा के साथ कोहरा होने के कारण सर्दी ने सभी को झकझोर कर रख दिया। स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों ने सर्दी के बचाव के लिए बच्चों को ऊनी वस्त्रों के साथ मूंह ढककर भेजा गया। हर गली मौहल्ले में बच्चे, युवा के साथ बुर्जुग भी अलाव तापते देखे गये। दुपहिया वाहन वाहन चालक भी सर्दी के बचाव के लिए गरम कपड़ों के साथ सिर पर हेलमेट लगाकर वाहन चलाते देखे गये।
दोपहर में कुछ समय के लिए आकाश में धूप निकली मगर ठण्डी हवा होने के कारण धूप का असर नाम मात्र का रहा। लोगो ने दिनभर गर्म कमडे पहनकर रखे। शाम होते ही बाजार में सर्दी क चलते छनाटा छा गया। सर्दी के चलते चाय की होटले, गर्म पकवानों के खोमसे व दुध की कडाईयों पर युवाओं की भीड नजर आई। सर्दी का असर बढने के साथ लोगों की दिनचर्या में भी बदलाव आया। सर्दी के चलते ग्रामीण अचंलों में भी दिनभर लोग अलाव तापते रहे। बुजुर्ग लोगों ने तो बिस्तर से बाहर आने की भी हिम्मत तक नहीं जुटाई। 

Tuesday, January 13, 2015

मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान पुण्य का है विशेष महत्व

त्यौंहारों के देश भारत का एक त्यौहार है मकर संक्रांति। यह त्यौहार देश के हिस्सों मैं अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। कहीं पर इसे मकर संक्रांति कहा जाता है तो कहीं पर पोंगल। जिस प्रकार तिल और गुड के मिलने से मीठे-मीठे लड्डू बनते हैं उसी तरह जीवन में भी ख़ुशियों की मिठास बनी रहे और आकाश में पतंगें उड़ाती है उसी तरह जीवन मैं नित-नई ऊर्जा का संचार हो।इसी शुभकामना के साथ सूर्य पर्व मकर संक्रांति पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है और भारत वर्ष मैं जयपुर शहर तो अपनी पतंगबाजी के लिए बेहद प्रसिद्ध है। पतंगबाजी का मजा लेने के लिए देश-विदेश से लोग यहाँ पर आते हैं और विदेशी पर्यटक भी यहाँ पतंग उड़ाते हैं। जयपुर की फीनी तो बहुत प्रसिद्ध है पकोड़ी और फीनी को साथ मे खाने का आनंद लिया जाता है। इस दिन तिल से बने व्यंजनों का सेवन किया जाता है, रंग-बिरंगी पतंगें आसमान मे उडती नजर आती है और उन्मुक्त आकाश में उडती पतंगों को देखकर मन में स्वतंत्रता का अहसास  होता है। हर तरफ वो काटा वो मारा का शोर सुनाई देता है जो मन मे एक नई उमंग और नया जोश भर देता है।सूर्य के इस पर्व मकर संक्रांति को महापर्व का दर्जा दिया जाता है। धार्मिक मान्यता भी इस महापर्व के साथ जुड़ी  हुई है। मकर संक्रांति पर गंगा में स्नान करने पर सभी कष्टों का  निवारण  होता है।
 इस दिन दिया गया दान विशेष फल देने वाला होता है। वेदों और पुराणों में इस दिन का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति के दिन पवित्र गंगा नदी का धरती पर अवतरण हुआ था। सूर्य के धनु मकर राशि में प्रवेश को उत्तरायण माना जाता है। इस राशि परिवर्तन के साथ ही इसे मकर संक्रांति कहते है। इसी दिन हमारी धरती एक नए वर्ष और सूर्य एक नई गति में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति से प्रकृति भी करवटें बदलती है। इसकी अंग्रेजी तिथि भी प्राय: 14 जनवरी रहती है। हरियाणा और पंजाब में इसे लोहिडी की रूप मैं मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश और बिहार मैं इसे खिचड़ी कहा जाता है और दान का पर्व माना जाता है।तमाम मान्यताओं के बाद इस त्यौहार को मनाने के पीछे एक ही तर्क रहता है वह है सूर्य की उपासना और दान पुण्य का दिन। मकर संक्रांति के शुभ मुहूर्त  में स्नान, दान पुण्य का विशेष महत्व है और शरीर पर गुड व तिल लगाकर नर्मदा में स्नान करना लाभदायक होता है। ऐसा कहा जाता है कि गंगा जमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर प्रयाग में मकर संक्रांति के पर्व के दिन सभी देवी-देवता अपना स्वरूप बदलने के लिए स्नान करने आते हैं। इसलिए वहां पर मकर संक्रांति के दिन स्नान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। ज्योतिषशास्त्रियों के ग्रंथो में वर्णन है कि सूर्य के संक्रमण काल में जो मनुष्य स्नान नहीं करता वह सात जन्मों तक रोगी निर्धन तथा दु:ख भोगता रहता है। इस दिन कम्बल दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।उत्तर भारत में तो गंगा-यमुना के किनारे बसे गाँवों और नगरी में तो मेलों का आयोजन होता है। पोराणिक कथा यह है कि इस दिन गंगा जी स्वर्ग से उतर कर भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम में जाकर मिल गई। गंगा के पावन जल से ही राजा सगर के साठ हजार श्रापित पुत्रों का उद्धार हुआ था।राजस्थान में इस पर्व पर सुहागिन महिलाएँ अपनी सास को बायना देकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करती है। साथ ही महिलाएँ किसी भी सोभाग्यसुचक वस्तु चोदह की संख्या में पूजन और संकल्प कर चौदह ब्राह्मणों को दान मैं देती है। गलता कुंड में स्नान कर श्रद्धालुगण पुण्य भी कमाते हैं।इस पर्व का ऐतिहासिक महत्व भी है। महाभारत में पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर ही स्वेच्छा से शरीर का परित्याग इसी दिन किया था। 1761 में इसी दिन पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठा सेना की पराजय से भारत में हिन्दू राज्य का स्वप्न टूट गया था। कुछ विद्वानों के अनुसार ईसा का जन्म भी इसी दिन हुआ था।इस तरह से मकर संक्रांति का पर्व धार्मिक और एतिहासिक मान्यताओ से जुड़ा है और साथ ही जीवन में एक नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है ताकि हम फिर एक नई उम्मीद और हौंसले के साथ खड़े हो और समाज मे एकजुटता के साथ रहे। कहते हैं कि गजक, रेवड़ी में पड़े तिल गुड आदि आपस मैं सामाजिक समरसता के भी संदेशवाहक है।
लेखक---हर्ष माली, भजन गायक,बालोतरा। 

Saturday, January 10, 2015

होमगार्ड के जवानों को 12 जनवरी को कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देष

बाड़मेर। पंचायत चुनाव 2015 में गृह रक्षा प्रशिक्षण केन्द्र बाड़मेर के अधीन गृह रक्षा सदस्यों को पंचायत चुनाव में चुनाव ड्यूटी लगाई गई हैं। समादेष्टा गृह रक्षा मेजर रवि व्यास ने बताया कि केन्द्र बाड़मेर के समस्त गृह रक्षा सदस्य पंचायत चुनाव ड्यूटी हेतु गृह रक्षा कार्यालय बाड़मेर एवं उपकेन्द्र बालोतरा के सदस्य बालोतरा में दिनांक 12 जनवरी को प्रातः 9.00 बजे अपनी उपस्थिति देवे। चुनाव ड्यूटी में उपस्थित नही होने वाले सदस्यों के विरूद्ध होमगार्ड अधिनियम के तहत कार्यवाही की जावेगी।

Friday, January 9, 2015

डांस कॉपीटिशन में राज ओस्तवाल ने बनाई जगह

बालोतरा। डेजल लाईट इवेंट प्लस एंटरटेंमेंट 5-6-7-8 की ओर से उदयपुर शहर के लैकसिटि मॉल में ऑल राजस्थान बिगेस्ट डांस कॉम्पीटिशन के सेमीफाइनल राउंड का आयोजन 7 जनवरी बुधवार को हुआ। सिमें बालोतरा के 8 वर्षीय राज ओस्तवाल ने फाइनल राउंड में अपनी जगह बनाई। राज के डांस गुरू प्रवीण सैन ने बताया कि राज ने सेमीफाइनल राउंड में अव्वल रहते हुए फाइनल राउंड में अपनी जगह बनाई। प्रतियोगिता के सेमीफज्ञइनल राउंड में निर्णायक की भूमिका डांस इंडिया डांस के पॉल मार्शल ने निभाई। पॉल मार्शल ने राज की डांस प्रस्तूति पर तालियां बजाकर राज की हौेंसला अफजाई की।
राज के पिता ललीत ओस्तवाल ने बताया कि इस कॉम्पीटिशन में राजस्थान के कई जिलों के 450 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें 14 साल तक के 9 प्रतिभागियों का फाइनल के चयन हुआ। राज के फाइनल राउंड में चयनित होने पर परिवार में खुशी का माहौल है। फाइनल राउंड का आयोजन उदयपुर के लैकसिटि मॉल में होगा जिसमें निर्णायक की भूमिका डांस इण्डिया डांस के जज मास्टर फिरोज खान निभाएंगे। राज ने अपनी सफलता का श्रेय माता कंचन ओस्तवाल, पिता ललीत ओस्तवाल, व डांस गुरू प्रवीण सैन को दिया। 

गौ रक्षक मित्र मंडल ने गौवंश का इलाज कर पहुंचाया गौशाला

बालोतरा। औद्योगिक क्षेत्र के द्वितीय चरण में चरण में स्थित पुलिस चौकी के पिछे प्रदूषित रसायनिक पानी में गाय के गिर जाने से उसके पैर जल गए। सूचना मिलने पर गौ रक्षक मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने औद्योगिक क्षेत्र में पहुंच कर गाय का इलाज करवाया। गौ रक्षक मित्र मंडल के अध्यक्ष घेवरचंद सुंदेशा ने बताया कि गाय के पैर झुलसने की खबर मिलने पर कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे और गाय के पैर (खुर) पर मरहम पट्टी पर उसे गौशाला भिजवाया गया। इसके पश्चात एक और गाय के पैर जलने की खबर जेरला रोड़ पर गौ रक्षक मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने उस गाय का इलाज किया और उसे वहीं छोड़ा गया।
गौ रक्षक मित्र मंडल के संरक्षक श्याम पालीवाल ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में हाईकोर्ट की रोक के बावजूद केमिकल युक्त तेजाबी पानी नालों में छोड़ा जा रहा एवं नाले भी खुले होने के कारण गौवंश में पानी पीने के चक्कर में उन नालों में गिर जाता है जिससे गौवंश को क्षति पहुंच रहीं हैं। पालीवाल ने प्रशासन, रिको व प्रदूषण मंडल से इस पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग की है। इस मौके पर प्रवक्ता राजू माली,दिनेश कच्छवाह,महेश पंवार,चेतन सुंदेशा,सुरेश सुंदेशा,नरेंद्रसिंह कालूड़ी,जितेंद्र परिहार,राजू गहलोत,धीरज गहलोत,अशोक गहलोत,गौतम माली,चंद्रप्रकाश सुंदेशा,पुखराज दर्जी,भगाराम सैन आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

संभागीय आयुक्त ने की समीक्षा

 पंचायती राज चुनाव निष्पक्ष तथा तटस्थ चुनाव के लिए माकूल व्यवस्था की हिदायत
बाडमेर, 9 जनवरी। पंचायत आम चुनाव 2015 के लिए संभागीय आयुक्त हेमन्त गेरा ने जिले में निष्पक्ष तथा तटस्थ चुनाव के लिए माकूल व्यवस्था की हिदायत दी है। उन्होने शुक्रवार को कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की तथा चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायती राज चुनाव के लिए आयोजित बैठक में संभागीय आयुक्त गेरा तथा पुलिस महानिरीक्षक सुनील दत्त ने जिले में चुनाव बन्दोबस्तों की विस्तृत समीक्षा की। जिला निर्वाचन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने मतदान व्यवस्थाओं तथा जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस अवसर पर गेरा ने मतदान दलों के गठन तथा उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी ली।
उन्होने अधिक मतदाता वाले मतदान केन्द्रों के मतदान दलों की समीक्षा की। उन्होने प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि इस बार सर्दियों के मध्यनजर सायंकाल में अंधेरा हो जाता है इसलिए मतदान केन्द्रों पर प्रकाश व्यवस्था भी की जाए। बिजली गुल होने पर प्रकाश का वैकल्पिक प्रबन्ध भी रखा जाए। संभागीय आयुक्त ने जोनल मजिस्टेªेटों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर चैकन्ने रहने के निर्देश दिए। उन्होने बताया कि पंचायती राज चुनाव में करीबी मुकाबला होने से संवेदनशीलता बढ जाती है इसलिए वे प्रतिदिन की संवेदनशीलता पर नजर बनाए रखें। गैरा ने कहा कि अधिकांश लोगों को पिछले चुनावों का लम्बा अनुभव है लेकिन यह चुनाव अलग प्रकृति का है तथा इसमें विशेषतः ग्राम पंचायत के चुनाव में बेहद करीबी मुकाबला होने से कई बार कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे मे वे बेहद सजग रहकर कार्य करें। उन्होने कहा कि मतदान के दिन वे मतदान आरम्भ होते ही सभी केन्द्रों पर बारीक नजर रखे तथा धीमी गति से हो रहे मतदान वाले केन्द्रों के प्रति सतर्क रहें। इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक सुनील दत्त ने कानून व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। उन्होने बताया कि जोनल मजिस्टेªट अपने क्षेत्र में नियुक्त पुलिस मोबाईल टीम से भी समन्वय बनाए रखें।इस अवसर पर आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने तथा निर्वाचन नियन्त्रण कक्ष पर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई तथा निर्वाचन से संबंधित प्राप्त शिकायतों, उनकी प्रकृति तथा उनके निस्तारण की भी समीक्षा की गई।इससे पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने जिले में पंचायती राज चुनाव की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। वहीं पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख ने पुलिस बलों के नियोजन व सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अवगत कराया। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ओ.पी. विश्नाई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपालराम बिरडा, भूमि अवाप्ति अधिकारी नखतदान बारहठ समेत प्रकोष्ठों के प्रभारी अधिकारी, जोनल मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

Wednesday, January 7, 2015

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशाल भजन संध्या में बही भजनो की सरिता

बालोतरा। राजकीय सीनीयर सैकण्डरी विद्यालय के पीछे नवनिर्मित माता राणी भटियाणी, सवाईसिंह सहित अनेक देवी-देवताओं की मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ तीन दिवसीय महोत्सव हर्षोल्लास एवं धूमधाम से संपन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर मंगलवार रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन परेऊ मठ महंत ओंकार भारती महाराज व भोपी शांति बाई सामरिया के सान्निध्य में आयोजित की गई। भजन संध्या के दौरान विभिन्न बोलियां भी संपन्न हुई। जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। बुधवार को अभिजीत मुहूर्त में माता राणी भटियाणी, सवाईसिंहजी राठौड़, बाबा रामदेव, महादेव, नवदुर्गा, काला-गौरा भैरूजी, विष्णु व ब्रह्माजी, बायोसा, गजानंदजी की प्रतिमाओं को विधि विधान के साथ पंडित राजू महाराज जसोल ने बोली दाता परिवारों के साथ महामण्डलेश्वर निर्मलदास महाराज, नारायणदास महाराज के सान्निध्य में मूर्तियों को प्रतिष्ठापित करवाई। मंदिर के शिखर पर बोलीदाता परिवार द्वारा ध्वजा चढ़ाई गई। उसके पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसादी ग्रहण की।
इससे पूर्व मंगलवार रात्रि में आयोजित भजन संध्या में भजन गायक गजेन्द्र राव जोधपुर ने गणपति वंदना, गुरु महिमा सहित माता राणी भटियाणी व अनेक देवी-देवताओं पर आधारित भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भजन गायिका बेबी अमीना, श्रवण अराबा, हर्ष माली बालोतरा, शिवपुरी महाराज ने भी भजनों की प्रस्तुति दी। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अग्रि नृत्य कलाकार बाबूनाथ ने शानदार अग्नि नृत्य पेश किया। जिसमें विभिन्न तरह के हैरतअंगेज करतब दिखाये। भजन संध्या का मंच संचालन सोहन प्रजापति जोधपुर व राजू माली बालोतरा ने किया। इस अवसर पर सभापति रतन खत्री, पार्षद प्रमिला खत्री, नरसिंग प्रजापत, जीतमल सुथार, पूर्व पार्षद जगदीश चंदेल, केवलचंद घांची, सालगराम परिहार सहित बोलीदाता परिवारों का साफा व माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया। इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर कानाराम प्रजापत, गोबरराम प्रजापत समदडी, श्रवण कुमार पंवार, पृथ्वीराज सामरिया, मदनसिंह राजपुरोहित, मीठालाल लौहार, सिरेमल पचपदरा, मोतीलाल सेवक, बाबुलाल प्रजापत, मांगीलाल भाट, सूरजमल जीनगर, राजू माली, केहराराम प्रजापत सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी।

प्रवासी कुरजां के पहले जत्थे ने दी पचपदरा में दस्तक

तुर्र-तुर्र के कलरव के साथ परवाज भरते प्रवासी परिंदों ने माहौल में फूंकी नई जान 
              भगाराम पंवार (9887119003)
बालोतरा/पचपदरा। सात समंदर पार कर पहुंचे कुरजां के पहले जत्थे ने राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में दस्तक दे दी है। तुर्र-तुर्र के कलरव के साथ परवाज भरते प्रवासी परिंदों ने माहौल में मानो नई जान फूंक दी है। इस बार क्षेत्र में पर्याप्त बरसात होने से तालर मैदान सहित कस्बे के सभी तालाब लबालब हैं। फसलें भी इस बार अच्छी हैं। ऐसे में प्रवासी परिंदों के लिए हर पहलू से आबोहवा अनुकूल है। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी सितंबर माह के तीसरे  सप्ताह में सात समंदर पार कर ठंडे मुल्क के प्रवासी परिंदे शीतकालीन प्रवास के लिए पचपदरा पहुंच चुके हैं। हजारों की तादाद में पहुंचने वाले ये परिंदे करीब छह माह तक यहां अठखेलियां करने के बाद फरवरी माह में पुन: स्वदेश के लिए उड़ान भरेंगे। पचपदरा के तालर मैदान, हरजी, इमरतिया, चिरढ़ाणी, नवोड़ा, इयानाड़ी तालाब के साथ ही मगरा क्षेत्र में हजारों की तादाद में कुरजां के समूह पहुंच चुके हैं। तुर्र-तुर्र की मधुर ध्वनि के साथ आसमान में किसी अनुशासित सिपाही की तरह कतारबद्ध उड़ान भरते इन परिंदों को निहारने के लिए लोगों में खास उत्साह बना रहता है। छह माह के प्रवास के दौरान ये परिंदें यहां गर्भधारण के बाद फरवरी माह में स्वदेश के लिए उड़ान भरेंगे।
प्रजनन के लिए आते है साईबेरियन क्रेन ‘कुरजां’
व्यापक वर्षा से भरे तालाबों पर विदेशी परिंदों ने डेरा डाल दिया है। प्रतिवर्ष आने वाले ये प्रवासी पक्षी इस वर्ष समय से पूर्व ही आ गए। गत कई वर्षों से लगातार बाड़मेर जिले के अनके तालाबों पर साइबेरियन क्रेन डेरा डालते हैं। इस बार विदेशी परिंदों ने पचपदरा व नवोड़ा बेरा तालाब में प्रथम पड़ाव डाला। प्रवासी पक्षी के नाम से प्रसिद्व साइबेरियन क्रेन को स्थानीय भाषा में ‘कुरजां’ कहते है। कुरजां के आगमन के साथ ही उनके कलरव व क्रीड़ा से मरुभूमि निखरने लगी है। कुरजां की उपस्थिति तालाबों की खुबसुरती में चार चांद लगा रही है। कुरजां अपने प्रजनन काल के लिए सामूहिक रुप से यहां आती हैं। शीतकालीन प्रवास हेतु हजारों की संख्या में कुरजां आती है और शीत ऋतु समाप्त होने के साथ ही स्वदेश लौट जाती हैं। पचपदरा के रेवाड़ा, तिरसिंगड़ी, नवोड़ा बेरा, शिव आदि तालाबों सहित अनेक स्थानों पर प्रवासी पक्षी आसानी से देखे जा सकते हैं। जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर कुरजां नामक गांव है। इस गांव का नाम भी साइबेरियन क्रेन के पड़ाव के कारण कुरजां पड़ गया। दशकों पूर्व यहां सुंदर तालाब था। इस तालब पर सैकड़ों प्रवासी पक्षी आते थे। पक्षियों के आगमन पर स्थानीय लोग बाकायदा गीत गाकर इनका आदर व स्वागत-सत्कार करते थे। मगर, बढ़ती आबादी ने तालाब के स्वरूप को बदल दिया, तालाब किंवदंती बन कर रह गया। तब से गांव में प्रवासी कुरजां ने आना ही छोड़ दिया।
‘कुरजां ए म्हारी भंवर ने मिला दिजो’ 
राजस्थान के लोक गीतों में कुरजां पक्षी के महत्व को शानदार तरीके से उकेरा गया है। प्रियतम से प्रेमी पति, पिता तक संदेश पहुंचाने का जरिया कुरजां को माना गया है। कई लोक गीतों में कुरजां को ध्यान में रख कर गाया गया है। ‘कुरजां ए म्हारी भंवर ने मिला दिजो’ गीत में पत्नी अपने पति से मिलाने का आग्रह कुरजां से करती है, तो ‘कुरजां ए म्हारी संदेशो म्हारा बाबोसा ने दीजे’ में महिला कुरजां के माध्यम से पिता को संदेश भेजती है। पिता अपनी पुत्री को ‘अवलू’ गीत के माध्यम से संदेश पहुंचाते हैं। कुरजां पर कई गीत हैं, जो विभिन्न संदेशों को पिरोकर गाए गए हैं। कुरजां सदा समूह में रहती हैं और खेतों में लगे बेरी की झाडिय़ां, पाला के बेर, मूंग, मूंगफली, बाजरा खाती हैं। समूह में कुरजां आती हैं, तो किसानो को परेशान करती हैं। आकाश में उड़ते कुरजां पक्षी कतारबद्व अनुशासित लगते हैं। अनायास लोगों का ध्यान अपनी और आकर्षित करते हैं। कुरजां का महिमामंडन करते लोक गीत बेहद सुरीले होते हैं और लोगों में आज भी लोकप्रिय हैं।



Tuesday, January 6, 2015

पंचायत चुनाव 2015 के मध्य नजर बालोतरा पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

बालोतरा। पंचायत आम चुनाव 2015 के मध्य नजर परिस देशमुख जिला पुलिस अधीक्षक, बाड़मेर के निर्देशन में राजेन्द्र प्रसाद वृताधिकारी वृत बालोतरा व थानाधिकारी बालोतरा के नेतृत्व में कुल 75 सशस्त्र पुलिस व आएसी जवानों के साथ मंगलवार को  पंचायत समिति बालोतरा के अन्तर्गत स्थित ग्राम पंचायत जसोल में पैदल मार्च व मेवानगर, सिणली, कितपाला, कालुड़ी, टापरा, बुड़ीवाड़ा, जागसा, असाड़ा व माजीवाला में फ्लैग मार्च किया गया। इन ग्राम पंचायतों पर स्थित बूथों को चैक किया गया। ग्रामवासियों व आमजन से विचार विमर्श कर हालात की जानकारी ली गई व लोगों को आश्वस्त किया गया कि आप पूर्ण रूप से सुरक्षित एवं भयमुस्त वातावरण में वोट दे एवं आपस में शान्ति बनाये रखें।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा मतदान पूर्ण रूप से शान्ति पूर्वक एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न करवाने के पुख्ता इंतजाम किये गये है। असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनकों पाबन्द करवाया जा रहा है। लाईसेन्सी हथियार थाना में जमा करवाये जा रहे है। इस फ्लैग मार्च के दौरान सम्पूर्ण क्षैत्र में शान्ति व्यवस्था का माहौल रहा तथा फ्लैग मार्च सफल पूर्वक सम्पन्न करवाया गया।

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...