Followers

Monday, February 5, 2018

प्रभावशाली उद्यमियो की इकाइयों मे गोपनीय जांच की मांग

टेक्सटाइल उद्योगों मे एनओसी से ज्यादा मशीनरी संचालन की शिकायत
बालोतरा
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की चेयरपर्सन को   बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योगों मे माननीय एनजीटी के आदेशो की पालना करवाने व रासायनिक प्रदूषण की समुचित रोकथाम करवाने व एनओसी से ज्यादा मशीनरी संचालन करने वाली इकाइयों के खिलाफ प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण संरक्षण समिति ने शिकायत दी है। 
ज्ञापन मे बताया गया कि बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योगों से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषण के रोकथाम की सख्त जरूरत है। रीको औद्योगिक क्षेत्र सहित गांधिपुरा, बिठूजा, जसोल, जेरला रोड क्षेत्र मे संचालित टेक्सटाइल उद्योग से निकलने वाला घातक रासायनिक प्रदूषित पानी पर्यावरण को नष्ट करने के साथ ही आबोहवा मे जहर घोल रहा है ओर मरूगंगा मानी जाने वाली लूणी नदी को बर्बाद कर रहा है। सीईटीपी ट्रस्ट ने अपने स्तर अपने चहेते उद्यमियो को 106 इकाइयों को सीईटीपी प्लांट से जोड़ने की अनुमति दे दी है ओर इकाइयां का संचालन शुरू करवा दिया है पर अभी तक उन 106 इकाइयों के पास प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा संचालन की अनुमति नही है । समिति द्वारा पिछले एक वर्ष से उन 106 इकाइयों को बंद करवाने की मांग की जा रही है पर मंडल कोई सुनवाई नही कर रहा है। अतः इन 106 अवैध इकाइयों को तुरंत बंद करवाया जाये। रीको औद्योगिक क्षेत्र मे संचालित दीपक डाइंग e 69,  मधुर टेक्सटाइल मिल्सe 64 इकाइयों मे एनओसी से ज्यादा मशीनरी का संचालन मंडल के अधिकारी जगदीश चौधरी ने निरीक्षण मे पाया था। बाद मे अधिक मशीनरी को सिज भी किया था पर बाद मे इकाई संचालक ने सिज मशीनरी को खोल कर फिर कार्य शुरू कर दिया था। इसी प्रकार  सेंचुरी मिल्स,  निकेश टेक्सटाइल मिल्स e 223 a रीको ,हीरामणि टेक्सटाइल्स मिल्स e 236 रीको  इन इकाइयों मे एनओसी से चार गुना ज्यादा कार्य संचालन हो रहा है। इन इकाइयों का गोपनीय निरीक्षण कर क्षमता से अधिक कार्य कर एनजीटी के आदेश की अवहेलना करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे।  समिति ने पूर्व मे वाशिंग यूनिट्स मे  वाटर रीयुज का एक फॉर्मूला सुझाव दिया था जिससे प्रतिदिन लाखो गेलन जल की बचत हो सकती है। उस फॉर्मूले के जल्द लागू करवाया जाय।  क्षेत्र मे ईटीपी आधरित इकाइयां जमकर प्रदूषण फेला रही है। उन इकाइयों के खिलाफ आपने सख्त कार्यवाही की बात कही थी लेकिन अभी तक ईटीपी इकाइयों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई है। ईटीपी इकाइयां आज भी खुले मे रासायनिक प्रदूषित पानी बहा रही है। ईटीपी इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।।  स्लज निस्तारन इकाई रामकी  फेक्ट्री मे भी पूर्णत मानको का पालन नही हो रहा है। अवैज्ञानिक तरीके से निस्तारित की जा रही स्लजआबोहवा मे प्रदूषण व जमीन को बीमारी की सौगात दे रही है। अतः स्लज निस्तारण इकाई रामकी खेड़  गाव की भी सघन जांच करवाई जाये। रीको औद्योगिक क्षेत्र मे इकाइयों मे बॉयलर मे प्रतिबंधित कोयला उपयोग मे लिया जा रहा है। धुँआ निकलने वाली चिमनियों की ऊंचाई भी कम है ओर चिमनियों के ऊपर डस्ट क्लीनर भी नही लगे हुए है। ऐसे मे टेक्सटाइल इकाइयां हवा को भी दूषित कर रही है। धुए के साथ गिरने वाला कोयला लोगो की आंखो को बीमार कर रहा है। अतः चिमनियों की ऊंचाई को बढ़ाने के निर्देश दिए जाये।  सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा की प्रबोधन कमिटी मे कोई किसान नही है। अतः सीईटीपी प्रबोधन कमिटी मे हम किसानो को भी जोड़ा जाये। टेक्सटाइल उद्योग मे मंडल द्वारा दी गयी एनओसी से कई गुना अधिक मशीनरी का संचालन हो रहा है। अतः आप गोपनिया जांच दल का गठन कर समिति सदस्यों को साथ रखे तो समिति आपको उन सभी इकाइयों मे जांच करवा सकती है जिनमे मंडल की एनओसी से ज्यादा अवैध कार्य का संचालन हो रहा है। 
                

प्रभावशाली उद्यमी नही कर रहे एनजीटी के आदेशो की पालना, करो कार्यवाही

टेक्सटाइल उद्योगों मे एनओसी से ज्यादा मशीनरी संचालन की शिकायत
बालोतरा
राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की चेयरपर्सन को   बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योगों मे माननीय एनजीटी के आदेशो की पालना करवाने व रासायनिक प्रदूषण की समुचित रोकथाम करवाने व एनओसी से ज्यादा मशीनरी संचालन करने वाली इकाइयों के खिलाफ प्रदूषण निवारण एवं पर्यावरण संरक्षण समिति ने शिकायत दी है। 
ज्ञापन मे बताया गया कि बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योगों से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषण के रोकथाम की सख्त जरूरत है। रीको औद्योगिक क्षेत्र सहित गांधिपुरा, बिठूजा, जसोल, जेरला रोड क्षेत्र मे संचालित टेक्सटाइल उद्योग से निकलने वाला घातक रासायनिक प्रदूषित पानी पर्यावरण को नष्ट करने के साथ ही आबोहवा मे जहर घोल रहा है ओर मरूगंगा मानी जाने वाली लूणी नदी को बर्बाद कर रहा है। सीईटीपी ट्रस्ट ने अपने स्तर अपने चहेते उद्यमियो को 106 इकाइयों को सीईटीपी प्लांट से जोड़ने की अनुमति दे दी है ओर इकाइयां का संचालन शुरू करवा दिया है पर अभी तक उन 106 इकाइयों के पास प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा संचालन की अनुमति नही है । समिति द्वारा पिछले एक वर्ष से उन 106 इकाइयों को बंद करवाने की मांग की जा रही है पर मंडल कोई सुनवाई नही कर रहा है। अतः इन 106 अवैध इकाइयों को तुरंत बंद करवाया जाये।
इन इकाइयों की कराओ जांच-
रीको औद्योगिक क्षेत्र मे संचालित दीपक डाइंग e 69,  मधुर टेक्सटाइल मिल्सe 64 इकाइयों मे एनओसी से ज्यादा मशीनरी का संचालन मंडल के अधिकारी जगदीश चौधरी ने निरीक्षण मे पाया था। बाद मे अधिक मशीनरी को सिज भी किया था पर बाद मे इकाई संचालक ने सिज मशीनरी को खोल कर फिर कार्य शुरू कर दिया था। इसी प्रकार  सेंचुरी मिल्स,  निकेश टेक्सटाइल मिल्स e 223 a रीको ,हीरामणि टेक्सटाइल्स मिल्स e 236 रीको  इन इकाइयों मे एनओसी से चार गुना ज्यादा कार्य संचालन हो रहा है। इन इकाइयों का गोपनीय निरीक्षण कर क्षमता से अधिक कार्य कर एनजीटी के आदेश की अवहेलना करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करे। 
समिति ने पूर्व मे वाशिंग यूनिट्स मे  वाटर रीयुज का एक फॉर्मूला सुझाव दिया था जिससे प्रतिदिन लाखो गेलन जल की बचत हो सकती है। उस फॉर्मूले के जल्द लागू करवाया जाय।  क्षेत्र मे ईटीपी आधरित इकाइयां जमकर प्रदूषण फेला रही है। उन इकाइयों के खिलाफ आपने सख्त कार्यवाही की बात कही थी लेकिन अभी तक ईटीपी इकाइयों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई है। ईटीपी इकाइयां आज भी खुले मे रासायनिक प्रदूषित पानी बहा रही है। ईटीपी इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।।  स्लज निस्तारन इकाई रामकी  फेक्ट्री मे भी पूर्णत मानको का पालन नही हो रहा है। अवैज्ञानिक तरीके से निस्तारित की जा रही स्लजआबोहवा मे प्रदूषण व जमीन को बीमारी की सौगात दे रही है। अतः स्लज निस्तारण इकाई रामकी खेड़  गाव की भी सघन जांच करवाई जाये। रीको औद्योगिक क्षेत्र मे इकाइयों मे बॉयलर मे प्रतिबंधित कोयला उपयोग मे लिया जा रहा है। धुँआ निकलने वाली चिमनियों की ऊंचाई भी कम है ओर चिमनियों के ऊपर डस्ट क्लीनर भी नही लगे हुए है। ऐसे मे टेक्सटाइल इकाइयां हवा को भी दूषित कर रही है। धुए के साथ गिरने वाला कोयला लोगो की आंखो को बीमार कर रहा है। अतः चिमनियों की ऊंचाई को बढ़ाने के निर्देश दिए जाये।  सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा की प्रबोधन कमिटी मे कोई किसान नही है। अतः सीईटीपी प्रबोधन कमिटी मे हम किसानो को भी जोड़ा जाये। टेक्सटाइल उद्योग मे मंडल द्वारा दी गयी एनओसी से कई गुना अधिक मशीनरी का संचालन हो रहा है। अतः आप गोपनिया जांच दल का गठन कर समिति सदस्यों को साथ रखे तो समिति आपको उन सभी इकाइयों मे जांच करवा सकती है जिनमे मंडल की एनओसी से ज्यादा अवैध कार्य का संचालन हो रहा है। 
                

Sunday, February 4, 2018

महिला के साथ रास्ता रोककर मारपीट

रास्ता रोककर मारपीट कर घायल किया
बालोतरा
गांधिपुरा मे घर जा रही एक विवाहिता के साथ उसी मोहल्ले मे रहने वाली एक औरत द्वारा मारपीट कर उसे घायल करने का मामला सामने आया है। मारपीट मे घायल महिला मंजू देवी पत्नी हरीश माली निवासी गंधिपुरा ने पुलिस थाना बालोतरा मे रिपोर्ट दी है कि वो बाजार से घर जा रही थी इस दौरान इसी मोहल्ले मे रहने वाली महिला बादामी देवी पत्नी ओमप्रकाश मालि ने रास्ता रोककर मारपीट की। मारपीट के दौरान मेरे गले मे पहना मंगल सूत्र व नाक मे पहनी फिणी वही गिर गयी जो नही मिली। घायल महिला का नाहटा अस्पताल मे इलाज जारी है। वही बालोतरा पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नही किया है।

बिठूजा मे स्थानीय खनन माफिया खुले आम कर रहे लूणी नदी मे से बजरी का खनन

बालोतरा
ओमप्रकाश सोनी 9414532417
शहर से सटे बिठूजा गाव मे लूणी नदी की रपट के समीप ही खुले आम दिन के समय भी सुप्रीम कोर्ट की रोक की बावजूद धड़ल्ले से बजरी का खनन जारी है। आज सुबह राजस्थान न्यूज़ टाइम्स ने मामले की तोह ली तो चोकाने वाला दृश्य सामने आया । नदी मे एक स्थान पर स्थानीय खनन माफिया गुट मे बजरी का खनन कर रहे थे। टीम ने जब पूछा कि रोक के बावजूद आप खनन बजरी का खनन कर रहे हो, डर नही लगता? तो बजरी भर रहे लोगो ने कहा कि सब सेट है ओर आपको इससे क्या करना है?
पूरे रास्ते तगड़ी मुखबिरी-
टीम जब बिठूजा जाने वाले रास्ते मे प्रवेश हुई तो बाइक सवार खनन माफियाओ के मुखबिरो ने मोबाइल पर किसी को जानकारी दी कि दो लोग बाइक पर नदी की ओर आ रहे है। वही टीम जब नदी के बाहर बजरी भरने के इंतजार मे खड़े एक ट्रैक्टर का फोटो ले रही थी तो खनन माफियाओ के गुर्गे टीम से उलझने का प्रयास करने लगे पर सख्ती दिखाने पर भाग गए।
खनन विभाग शिकायतों के बावजूद नही कार्य कार्यवाही-
सूत्रो के अनुसार बिठूजा मे बजरी के अवैध खनन की जानकारी जिले के खनन विभाग के अधिकारियो को बाकायदा है पर कमीशन लेकर खनन विभाग मौन है।

Saturday, February 3, 2018

बस मे सफर कर रहे व्यक्ति के बेग से लाखो के जेवरात पार

बस मे बेग मे से सोने के आभूषण चोरी
बालोतरा
बालोतरा से बस मे सवार होकर बाड़मेर जाने के दौरान एक व्यक्ति के बेग मे रखे लाखो के सोने के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार नंद किशोर सोनी निवासी   टापरा अपने परिजनों के साथ आज बालोतरा से लोक परिवहन बस मे बेथ कर बाड़मेर गए थे। घर पहुचकर सामान संभाला तो बेग मे स्टील के डब्बे मे रखे दो  सोने के भुजबंद वजन करीब आठ तोला व एक आड वजन करीब आठ तोला व साड़ी ओर मेक अप का सामान आदि गायब मिले। बाद मे नंद किशोर सोनी बाड़मेर कोतवाली पहुचे जहा से उन्हें सदर थाना क्षेत्र का मामला होना बताकर सदर थाने मे भेज दिया गया। सदर थाना पुलिस ने उन्हें बालोतरा थाने मे ही मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही। पीड़ित के पुत्र ने बालोतरा थाने मे रिपोर्ट दी। जानकारी के अनुसार लोक परिवहन बस मे सीसीटीवी कमरे लगे हुए है। बस के बालोतरा के प्रथम रेल फाटक से रवाना होने के बाद कुछ लोग द्वितीय रेल फाटक के पास बस से नीचे उतरते दिख रहे है। पुलिस ने कैमरे के फुटेज हासिल किये है।

नाहटा अस्पताल के पीएमओ व sncu कार्मिको का स्वागत किया

सम्मानित होकर लौटे नाहटा अस्पताल के कार्मिको का अभिनंदन किया
बालोतरा
SNCU वार्ड द्वारा बेहतर सेवाएं देने पर राज्य स्तर पर चिकित्सा मंत्री ,PHS विनु गुप्ता ,निदेशक NRHM नवीन जैन से  जयपुर में चिरायु कार्यक्रम समारोह मे  सम्मानित होकर लोटे नाहटा अस्पताल के कार्मिको का अस्पताल मे अभिनंदन किया गया।  नाहटा अस्तप्ताल के PMO डॉ बलराजसिंह, SNCU इंचार्ज डॉ कमल किशोर मुंदरा,SNCU नर्सिंग इंचार्ज गोपालसिंह और पूरी SNCU टीम का नाहटा अस्तप्ताल के स्टाफगण ने माला पहना कर और मिठाई खिला कर स्वागत किया।

दो दिन पहले टेक्सटाइल इकाई मे प्रदूषण नियंत्रन मंडल द्वारा सीज की मशीनरी की सील तोड़ी

मधुर टेक्सटाइल मिल्स मे मंडल द्वारा सीज की मशीनरी की संचालक ने तोड़ी सील, काम किया शुरू ।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल को मौन स्वीकृति से इकाई संचालक बेखौफ 

ओमप्रकाश सोनी 9414532417
बालोतरा
औद्योगिक क्षेत्र मे संचालित टेक्सटाइल इकाइयों मे संचालक बेखौफ होकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल अधिकारियो की साठ गाठ कर एनजीटी के आदेशो की अवहेलना तो कर ही रहे है साथ ही मंडल द्वारा की गई सीज की कार्यवाही की भी धज्जिया उड़ा रहे है। ऐसा ही मामला रीको औद्योगिक क्षेत्र के प्रथम चरण मे स्तिथ मधुर टेक्सटाइल्स मिल्स मे देखने को मिला है। प्रदूषण निवारण एवम् पर्यावरण संरक्षण समिति की शिकायत पर प्रदूषन नियंत्रण मंडल के अधिकारी जगदीश चौधरी ने 31 जनवरी  को इकाई मे जांच कर इकाई की जांच की थी। जांच  के दौरान इकाई मे एनओसी से ज्यादा मशीनरी का संचालन होता पाया गया था। साथ ही अवैध धुपाइ का संचालन भी होता मिला था ओर रासायनिक प्रदूषित पानी नगर परिषद के सीवरेज नाले मे बहाया जा रहा था। जिस पर  मंडल के अधिकारी ने अतिरिक्त मशीनरी सिज करने को कार्यवाही की थी। लेकिन मधुर टेक्सटाइल मिल्स के संचालक ने मंडल अधिकारी के जाते ही सिज की गयी मशीनरी की सिल तोड़ कर कार्य शुरू कर दिया गया।
प्रदूषण निवारण एवम् पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी ने इसकी जानकारी प्रदूषण नियंत्रण मंडल के कनिष्ठ अभियंता जगदीश चौधरी को भी दी। जगदीश चौधरी ने समिति को बताया कि हमने तो कार्यवाही कर दी है ओर यदि इकाई संचालक ने मशीनरी की सिल तोड़ी है तो इसकी जानकारी क्षेत्रीय अधिकारी दो ओर निर्देश मिलने पर कार्यवाही की जायेगी।
लेकिन अभी तक उक्त इकाई के खिलाफ मंडल के अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल स्वयं नही करता कोई कार्यवाही या जांच-
बालोतरा मे संचालित टेक्सटाइल उद्योग से निकलने वाले प्रदूषण की रोकथाम व पर्यावरण के संरक्षण के लिए सरकार ने बालोतरा मे प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय की स्थापना की है। लेकिन बालोतरा मे प्रदूषन नियंत्रण मंडल के अधिकारियो को कुम्भकर्णी नींद के चलते प्रदूषण नियंत्रण नही हो रहा है। दिनों दिन प्रदूषण के हालात विकट हो रहे है पर क्षेत्रीय अधिकारी खुद प्रदूषण की शिकायतों पर कोई कार्यवाही नही कर एनजीटी के आदेश की अवमानना कर रहे है।
सीईटीपी ट्रस्ट बना मूकदर्शक-
सरकार ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए करोड़ो रुपये की लागत से सीईटीपी प्लांट बनाये है ओर इसके संचालन के लिए प्रबोधन कमिटी बनाई है। पर सीईटीपी ट्रस्ट खुद अवैध वसूली कर क्षेत्र मे अवैध टेक्सटाइल इकाइयों को संरक्षण दे रहा है। रीको औद्योगिक क्षेत्र मे सीईटीपी बालोतरा की शह पर106 ऐसी इकाइयों का संचालन हो रहा है जिनके पर प्रदूषण नियंत्रन मण्डल को अनुमति नही है।

Friday, February 2, 2018

जेएनवीयू विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति को हाई कोर्ट मे चुनोती

जेएनवीयू कुलपति की नियुक्ति को चुनौती
-राजस्थान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति डा आरपी सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर कुलाधिपति कार्यालय के प्रमुख शासन सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, जेएनवीयू तथा एमडीएस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
    न्यायाधीश डा. पुष्पेन्द्रसिंह भाटी की बेंच ने एमडीएस यूनिवर्सिटी के एक छात्र लक्ष्मीनारायण बैरवा की याचिका पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रजत अरोड़ा ने कोर्ट को बताया कि हाल ही जेएनवीयू के कुलपति डा. आरपी सिंह को एमडीएस यूनिवर्सिटी के नए कुलपति का चयन करने के लिए गठित सर्च कमेटी का सदस्य बनाया गया है, जबकि डा. सिंह स्वयं कुलपति बनने की पात्रता नहीं रखते। अरोड़ा ने बताया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन के रेग्यूलेशन-2010 के अनुसार कुलपति बनने के लिए यूनिवर्सिटी सिस्टम में दस साल प्रोफेसर पद पर कार्य का अनुभव होना जरूरी है, लेकिन प्रो आरपी सिंह बरेली कॉलेज के प्रिंसिपल पद पर ही कार्यरत रहे। उन्होंने बताया कि रेग्यूलेशन की अहम पात्रता व्यक्ति का उच्चतम नैतिक चरित्र, संस्थानिक प्रतिबद्धता व समर्पण तथा ईमानदारी है, जबकि प्रो. सिंह पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। अरोड़ा ने बताया कि प्रो. सिंह इससे पूर्व चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी के भी कुलपति नियुक्त किए गए थे, लेकिन तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के पहले ही उन्हें वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कुलाधिपति ने पद से हटा दिया था। इसेडा.सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिस याचिका को खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि डा. सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।

धर्म जोड़ना सिखाता है-आचार्य लोकेश मुनि

जन्मभूमि पचपदरा में आचार्य लोकेश का नागरिक अभिनन्दन

*धर्म जोड़ना सिखाता है तोड़ना नहीं – आचार्य लोकेश*
पचपदरा
          शांति दूत विश्व विख्यात जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि की जन्म भूमि पचपदरा राजस्थान में आचार्य लोकेश मुनि जी के साथ भारतीय सर्वधर्म संसद के संयोजक गोस्वामी सुशील महाराज, लद्दाख मे महाबौधि इंटरनेशनल सेंटर के संस्थापक बौद्ध भिक्षु संघसेना , अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम उमेर अहमद इलियासी, बंगला साहिब गुरुद्वारा के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडौक , प्रख्यात स्थानकवासी आचार्य सुशील मुनि के शिष्य  विवेक मुनि , दिगम्बर ब्रह्मचारी  देवेन्द्र भाई  का पचपदरा पंचायत मुख्यालय पर भव्य नागरिक अभिनन्दन किया गया।
अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश मुनि ने पंचायत भवन में जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में सौहार्द, भाईचारे और आपसी मेल मिलाप की प्राचीन परंपरा है और पचपदरा इस संस्कृति की मिसाल है । यहाँ सभी धर्म, सम्प्रदाय, जाति और वर्ग के लोग एक साथ मिलकर समाज के उत्थान के लिए सदैव कार्यरत रहते है । उन्होंने कहा कि धर्म हमें जोड़ना सिखाता है तोड़ना नहीं, धर्म के मार्ग पर हिंसा, घृणा, नफरत का कोई स्थान नहीं  है।  सर्वधर्म सद्भाव का सन्देश देने ही आज विभिन्न धर्मों के गुरु श्री नाकोड़ा तीर्थ जा रहे है।
सर्वधर्म संसद के संयोजक गोस्वामी सुशील  महाराज ने कहा कि पचपदरा के जन्मे मारवाड़ क्षेत्र में शिक्षित दीक्षित आचार्य लोकेश मुनि  ने अनेक प्रतिष्ठित वैश्विक मंचों पर विश्व शांति और सद्भावना का सन्देश देकर जैन धर्म और भारतीय संस्कृति को गौरान्वित किया है । उनके ऐसे प्रयासों को नमन करते हुए विश्व के अनेक मंचों ने आचार्य लोकेश को ‘शांति दूत’ सम्मान से अलंकृत किया |
अखिल भारतीय इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम उमेर अहमद इलियासी  ने कहा कि आचार्य लोकेश सर्वधर्म सद्भाव का सन्देश जन जन तक पहुँचाने में सदैव प्रयासरत रहते है यही कारण है कि उनके सान्निध्य में सभी धर्मों के धर्मगुरु श्री नाकोड़ा तीर्थ में कल ‘धार्मिक एकता द्वारा विकास और शांति’ का सन्देश देंगे |
लद्दाख से महाबौधि इंटरनेशनल सेंटर के संस्थापक बौद्ध भिक्षु संघसेना ने कहा कि विश्व विख्यात अध्यात्मिक गुरु दलाई लामा भी आचार्य लोकेश की विचारधारा से प्रभावित है | परम पूज्य दलाई लामा ने कहा है कि आचार्य लोकेश के पास सर्वधर्म सद्भाव के लिए कार्य योजना है |
बंगला साहिब गुरुद्वारा के चेयरमैन परमजीत सिंह चंडौक  ने कहा कि पचपदरा निवासियों ने सर्वधर्म संतों का स्वागत कर भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है | उन्होंने कहा कि आचार्य लोकेश ने सच्चा सौदा डेरा और सिक्ख समुदाय के बीच विवाद सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी । प्रख्यात स्थानकवासी आचार्य सुशील मुनि जी के शिष्य विवेक मुनि व दिगम्बर ब्रह्मचारी देवेन्द्र भाई  ने कहा कि जैन धर्म वैज्ञानिक धर्म है और प्रासंगिक है | इसके माध्यम से अनेक वैश्विक समस्याओं का समाधान मुमकिन है । पचपदरा ग्राम पंचायत के सरपंच विजय सिंह खारवाल ने शाल ओढाकर सभी धर्म गुरुओं एवं श्री भव्य श्रीवास्तव का स्वागत किया ।

कमजोर नवजात शिशुओ की देखभाल मे नाहटा अस्पताल प्रदेश मे अव्वल

नाहटा अस्पताल की कमजोर नवजात केयर यूनिट बेहतरीन सेवाओ के लिए राज्य मे अव्वल
जयपुर
राज्य सरकार द्वारा चिरायू योजना के तहत सरकारी अस्पतालों मे नवजात शिशुओ को बेहतरीन चिकित्सा देने के उदेश्य से स्थापित कमजोर नवजात केयर यूनिट की नाहटा अस्पताल बालोतरा इकाई ने नवजात शिशुओ को चिकित्सा सेवाएं देने मे प्रदेश मे पहला स्थान हासिल किया है। आज जयपुर मे चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ व चिकित्सा विभाग की मुख्य सचिव वीनु गुप्ता ने नाहटा अस्पातल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बलराज सिंह, sncu के प्रभारी डॉक्टर कमल मूंदड़ा व नर्सिंग स्टाफ गोपाल सिंह को सम्मानित किया। नाहटा अस्पताल को सम्मान मिलने पर अस्पातल के कार्मिको मे खुशी है।

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...