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Thursday, April 2, 2015

रात दो बजे फाइल देखने बुलाते थे DM साहब: महिला IAS

लखनऊ। डीएम गोरखपुर रंजन कुमार पर एक जूनियर महिला आईएएस ऑफिसर ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप यहां तक हैं कि सीनियर ऑफिसर महिला को रात दो बजे फाइलें देखने के लिए बुलाते थे। उससे घर में खाना बनाने को कहते थे ।यह मामला मुख्य सचिव से लेकर नियुक्ति सचिव तक समूची ब्यूरोक्रेसी की जानकारी में आ चुका है। सीनियर आईपीएस ऑफिसर अमिताभ ठाकुर और उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर ने माना है कि महिला अफसर ने उनसे मिलकर ऑफिसर की बदनीयती का पूरा किस्सा बयां किया है। एक अन्य प्रमुख सचिव ओर गैर सरकारी संगठन वास्ट के कर्ताधर्ता एसपी सिंह ने भी मामले पर गंभीर चिंता जताई है।पिछले कई दिन से इस मामले की दबी जुबान में चर्चा हो रही थी। एनबीटी ने पूरे मामले की पड़ताल की। संवाददाता ने वह रेकॉर्डिंग भी सुनी है, जिसमें पीड़ित ने रंजन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 2012 बैच की इस विवाहित अधिकारी ने बताया है कि उससे यहां तक कहा गया है कि तुम्हें शहर में तैनाती इसीलिए दी गई है ताकि तुम्हारा चेहरा मेरे सामने रहे।अधिकारी महिला को एक-दो बार फिल्म दिखाने तक ले गए। महिला अफसर का कहना है कि जब उन्हें सीनियर की नीयत का अंदाजा हुआ तो प्रतिरोध किया और अनदेखी शुरू की। इससे वह नाराज हो गए। पीड़ित छुट्टी पर चली गई। इससे नाराज होकर जब उसका ग्रीमीण इलाके में ट्रांसफर किया गया तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसएसपी गोरखपुर से की पर बाद में एक सीनियर अफसर की सलाह पर उसे वापस ले लिया। अब मामले की शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की है। एसडीएम ने भी पूरा मामला सरकार के आला अफसरों को बता दिया है।सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर और उनके पति आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने बताया कि ट्रेनी आईएएस उनकी पूर्व परिचित है। जब अमिताभ आईआईएम लखनऊ में वर्ष 2009-2011 में एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे, तब यह ट्रेनी भी उनसे कुछ सलाह लिया करती थी। दोनों ने ट्रेनी आईएएस से बात भी की और मामले को सही पाया। आईजी अमिताभ ठाकुर का कहना है कि इसके बाद उन्होंने मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का मन बना लिया है। उन्होंने मांग की है कि मामले की गोपनीय जांच करवाई जाए और अगर यह आरोप डीएम के खिलाफ सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाए। मामले में गोरखपुर मंडल के कमिश्नर और एसएसपी ने कुछ भी बोलने से इनकार किया है।
प्रमुख सचिव (नियुक्ति) से मिलीं ट्रेनी आईएएस
बुधवार को ट्रेनी आईएएस अपने पति के साथ प्रमुख सचिव नियुक्ति से भी बंद कमरे में मिलीं। बाहर निकलने पर उन्होंने कोई भी बात करने से इनकार दिया। वहीं, गोरखपुर कलेक्ट्रेट में भी चर्चा है कि डीएम साहब पर लगे आरोप सही हैं।
मंडल के एक सीनियर आईएएस से भी की शिकायत
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने मंडल के एक अन्य सीनियर ऑफिसर से भी शिकायत की है। उस अधिकारी ने माना कि डीएम का रवैया ठीक नहीं और कहा कि पीड़ित उनकी बेटी की तरह है, इसलिए उनकी सलाह है कि मामले को रफा-दफा कर विवाद से बचा जाए।इस बारे में गोरखपुर के डीएम रंजन कुमार का कहना है कि पूरा मामला गलत है। इसे बेवजह तूल दिया जा रहा है। मीडिया को पता नहीं क्यों पर्सनल मामले में दिलचस्पी है? आज भी मेरे पास कई फोन आ रहे हैं। वह लोग प्रमुख सचिव नियुक्ति के पास केवल अपने ट्रांसफर के बारे में पता करने गए थे और कहा जा रहा है कि शिकायत करने गए थे। वे वेस्ट बंगाल से आए हैं और लखनऊ के आसपास तैनाती चाहते हैं। छेड़छाड़ या किसी और तरह की पूरी बात ही गलत है।'
पहले भी फंस चुके हैं ऑफिसर
ऑफिसरों पर छेड़खानी के आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। कानपुर में तैनात आईपीएस संजीव त्यागी पर भी महिला ऑफिसर ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। पूरे मामले की जांच के बाद उन पर ऐक्शन लिया गया और डीजीपी मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया। इसके साथ ही मेरठ के डीआईजी डीपी श्रीवास्तव पर भी उनकी महिला सहयोगी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। हालांकि उन पर कोई ऐक्शन नहीं लिया गया।

बेटे के हुए दो टुकड़े, 'अप्रैल फूल' समझकर नहीं आया परिवार

कानपुर। दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक पर बुधवार को एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मौके पर पहुंची जीआरपी ने जेब से मिले कागज को देखकर जब परिवार को फोन किया तो उन्होंने आने से साफ इनकार कर दिया। कहा कि 'अप्रैल फूल नहीं बनाइए'। इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पाण्डेय के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर ने 4 बार फोन किया लेकिन परिजनों ने हर बार यही जवाब दिया। इसके बाद शाम को दोबारा फोन किया गया तब वे कानपुर के लिए रवाना हुए।
सांकेतिक फोटो। 
दरअसल, गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन पर एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। जीआरपी मौके पर आई तो वहां युवक का सिर और धड़ अलग पड़े थे। तलाशी में मिले कागज से पता चला कि युवक का नाम अंकित है और वह जालौन का रहने वाला है।पुलिस ने उसके मोबाइल में नंबर देखकर परिवार के लोगों को फोन मिलाया लेकिन वे हर बार 'अप्रैल फूल' बताकर फोन काटते रहे। इसके बाद परेशान होकर जीआरपी ने बॉडी को शव गृह भेजा।


Friday, May 9, 2014

मुलायम को पसंद नहीं आई "नमो रोटियां", होटल बंद करवाई!

लखनऊ। यूपी पुलिस ने उस होटल को बंद करवा दिया है जहां नमो(नरेन्द्र मोदी)मार्क वाली रोटियां परोसी जा रही थी। होटल में जिस मशीन से रोटियों पर "अबकी बार मोदी सरकार"वाला नारा छापा जा रहा था उसे भी जब्त कर लिया गया है।होटल के मालिक को मीडिया से बात नहीं करने की हिदायत दी गई है। खबर सामने आने पर लोग माइक्रो ब्लॉलिंग साइट ट्वीटर पर पुलिस के इस कदम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी यूपी में सरकार तो सही ढंग से चला नहीं पा रही। ऊपर से इस तरह के कदम उठाकर अपनी ही जगहंसाई करा रही है।
गौरतलब है कि भाजपा समर्थक नमो मार्क वाले उत्पादों के बड़ी संख्या में ऑर्डर दे रहे हैं। इन उत्पादों को बनाने वाले अच्छे खासे पैसे कमा रहे हैं। गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी को वाराणसी के बेनियाबाग में रैली को अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

Friday, March 28, 2014

नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में मसूद गिरफ्तार

सहारनपुर (उप्र): लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी इमरान मसूद को नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोप में आज गिरफ्तार कर लिया गया. अपने भाषण में उन्होंने कथित तौर पर नरेंद्र मोदी की बोटी ..बोटी कर देने की बात कही थी
मसूद (४०) को आज तडके पुलिस ने यहां स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया. अपने बयान के लिए कल माफी मांगने वाले मसूद ने अब पलटते हुए कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया. मसूद ने संवाददाताओं से कहा, च्च्यह सब भाजपा का षड्यंत्र है. मुझे कोई पश्चाताप नहीं है क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया. मैं न तो नरेंद्र मोदी से माफी मांगूंगा और न ही भाजपा से. पुलिस आज मसूद को देवबंद अदालत में पेश करेगी.

Friday, January 31, 2014

दो सालों तक पति की मर्जी से दोनों बहनों के साथ देवर करता रहा हैवानियत

लखनऊ/अलीगढ. पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का माना जाता है। सात फेरों के साथ जीने मरने की कसमें खाई जाती हैं, लेकिन जब वही जीवन साथी हैवान बन जाए तो पत्नी क्या करे। ऐसी ही एक दर्दनाक घटना अलीगढ में सामने आई। यहां एक ही घर में शादी कर आई दो सगी बहनों के पतियों ने अपने छोटे भाई को उनसे शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत दे दी। आमतौर पर भारतीय समाज में लड़के अपनी होने वाली पत्नी के चरित्र को लेकर काफी संजीदा होते हैं, लेकिन अलीगढ में एक परिवार ऐसा भी सामने आया जहां बहुओं से रेप करने का अधिकार देवर को दे दिया गया।दरअसल, करीब चार साल पहले बुलंदशहर के खलोर की रहने वाली दो सगी बहने कमलेश और कविता की शादी अलीगढ जिले के दो सगे भाई मनोज और रिंकू से हुई थी। दोनों बहने बचपन में ही अनाथ हो गई थी। बचपन से लेकर शादी तक सब कुछ दोनों बहनों के मामा ने किया। किसी तरह मामा ने अलीगढ में डेयरी का काम करने वाले मनोज और रिंकू दो सगे भाइयों से एक साथ दोनों बहनों की शादी कर दी। 
शादी के बाद दोनों बहने अपने ससुराल आ गई। दोनों के दो छोटे देवर भी हैं, जिनमें एक नाम विजय उर्फ़ करण है। उसकी उम्र 21 साल है। वहीं एक उससे छोटे देवर की उम्र 14 साल है। कमलेश और कविता अपने पति मनोज और रिंकू के साथ हंसी ख़ुशी जिंदगी गुजार रही थी, लेकिन दो साल बाद छोटे देवर विजय की नियत अपनी बड़ी भाभी कमलेश पर खराब हो गई। 
एक दिन उसने मौका देख कर कमलेश से रेप करने की कोशिश की, लेकिन विरोध के चलते उसे नाकामी ही हाथ लगी। कमलेश ने देवर विजय की शिकायत अपने पति से की, लेकिन पति मनोज ने उल्टा ही कमलेश को पीटना शुरू कर दिया और कहा कि अगर वह तुमसे शारीरिक संबंध बनाना चाहता है तो इसमें हर्ज क्या है। इसके बाद आखिरकार कमलेश को हैवान पति के सामने झुकना पड़ा और दरिंदे देवर ने उसका रेप करना शुरू कर दिया। देवर का कमलेश से जब मन भर गया तो उसकी गंदी नजर अपनी छोटी भाभी कविता पर चली गई और फिर उसके साथ भी वही हुआ जो कमलेश के साथ हुआ था। यहां तक की इसमें उनके सास ससुर की भी मर्जी शामिल थी। यह सब कुछ लगातार दो साल तक चलता रहा। मामला यहीं ख़त्म नहीं हुआ जब भी दोनों बहने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करती, उन्हें बुरी तरह मारा जाता। यहां तक की उनकी परवरिश करने वाले मामा ने भी दोनों बहनों से मुंह फेर लिया। आखिरकार दोनों बहने मौका देख कर घर से भाग ली और थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने भी उनकी एक न सुनी। दर-दर की ठोकरे खा रही दोनों बहने आखिरकार एसपी ग्रामीण के पास पहुंची और अपनी बात रखी। दोनों बहनों का कहना है कि इस समय वह अपने दूर के रिश्तेदार के घर ठहरी हुई हैं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। वहीं एसपी ग्रामीण आसाराम यादव का कहना है कि मामला गंभीर है मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी। ऐसे में अब यह देखना होगा कि पुलिस आखिर कब तक अपनी जांच पूरी करेगी और इन बहनों को न्याय दिलाएगी।
 

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...