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Tuesday, August 7, 2018

साधक राग भाव से बने मुक्त : आचार्य श्री महाश्रमण जी

साधक राग भाव से बने मुक्त : आचार्य श्री महाश्रमण*

  *गुरू कृपा आश्रम, जोधपुर के गुरूराज राजारामजी महाराज और संत कृपाराम आये आचार्य श्री के चरणों में*

  *संत ताप, पाप हरने वाले : गुरूराज राजाराम*

  *संत कृपाराम ने कहा कि "संतो के चरणों में तो हमेशा ही बालक बनकर ही रहना चाहिए"*

     माधावरम् स्थित जैन तेरापंथ नगर के महाश्रमण समवसरण में आचार्य श्री महाश्रमणजी के दर्शन कर *गुरू कृपा आश्रम, जोधपुर के गुरूराज राजारामजी महाराज*  ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आचार्य प्रवर के सानिध्य में एक कुंभ सा मेला लगा हुआ है| यहा आप सब आकर ज्ञान की गंगा में गोता लगाते हैं| बिना परमात्मा की कृपा, बिना प्रभु की अनुकम्पा के यह कार्य संभव नहीं है| जो भी इस आयोजन में रात दिन प्रयास किया, उन लोगों को महाराज श्री ने, आप सब की भाव - श्रद्धा को देख कर समय दिया, चातुर्मास प्रदान किया और गंगा के अन्दर जाने से सभी ताप और पाप दूर हो जाते हैं, वैसे *चेन्नई की धरती पर इस महाकुंभ में महाराज श्री के शब्दों को सुन करके आपके भी ताप और पाप सब दूर होंगें,* ऐसी प्रभु से प्रार्थना करते हुए और महाराज श्री के चरणों में तो  सुनने के लिए आए हैं| आचार्य श्री ने कोलकाता से लेकर चेन्नई तक लंबी दूरी मानव मात्र के लिए तय की है| यह ज्ञानयज्ञ, अहिंसा यात्रा नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति की प्रेरणा, पूरी मानव जाति के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगी, ऐसी मंगलकामना|

     *परम पावन आचार्य श्री महाश्रमण*  ने आज के प्रवचन में ठाणं सूत्र में दूसरे स्थान पर प्रकाश डालते हुए फ़रमाया कि संयम दो प्रकार का होता है -१.सराग संयम,२.वीतराग संयम| संयम की साधना पूर्ण रूप में साधु करता है|  मोक्ष तक पहुंचने के लिए चौदह सीढ़ियां, गुणस्थान जैन दर्शन में प्रज्ञप्त है| श्रावक पाँचवी सीढ़ी तक देशविरति गुणस्थान तक पहुंच सकता है| छठे से चौवदहवें गुणस्थान के अधिकारी साधु ही होते हैं|


  आचार्य श्री ने आगे कहा कि गुणस्थान यानि आत्मा की क्रमिक विशुद्धि|  छठे से दसवें गुणस्थान तक राग विद्यमान रहता है। 11वें में मोह की सर्वथा अनुदय अवस्था रहती है| 6 से 10 वें गुणस्थान तक के साधू सराग संयम वाले होते है| 11से 14वें तक के साधु वीतराग गुणस्थान वाले होते हैं।11वें में जानेवाले अवश्यम्भावी नीचे गिरते है। गिरता हुआ जीव पहली सीढी, गुणस्थान तक गिर सकता है। 12वें में मोह पूर्ण रुप से क्षीण हो जाता है। *अध्यात्म की साधना करने वाले, राग को कम करते हुए, वीतराग अवस्था को प्राप्त कर, मोक्षश्री का वरण कर लेते है।*  ऐसी साधना श्रावक - साधु दोनों को करनी चाहिए। 


 आचार्य श्री ने आगे कहा कि जहाँ राग होता है, वहां द्वेष भी रहता है। हमे राग के रहस्य को पहचान कर राग से मुक्त होने की साधना करनी चाहिए| साधु को क्रोध नहीं करना चाहिए, राग द्वेष को कम करना चाहिए, दूर रहना चाहिए| कषायोंं को क्षीण करना चाहिए, साधना से पतला करना चाहिए|


   आचार्य श्री ने गुरूराज राजारामजी और संत कृपारामजी के मिलन पर कहा कि संतों का मिलना अच्छा होता हैं| आचार्य श्री ने कहा कि संत लोग स्वयं के आत्मकल्याण के साथ परकल्याण की भावना रखने वाले होते हैं, दूसरों के आत्मकल्याण में सहयोगी बनते हैं| 


  आचार्य श्री ने कहा कि 15 वर्ष पहले सुरत में संत राजारामजी और कृपारामजी से मिलना हुआ, आज उसकी पुनरावृत्ति हो रही है। हम सब साधना में आगे बढ़ते रहे, मंगलकामना|

  *संत कृपाराम जी* ने कहा कि गुरु ही सर्वेसर्वा होते हैं| गुरु ही जीवन का निर्माण करते हैं| उनके चरणवृदो में मेरी वन्दना! सारी सृष्टि का संचालन करने वाले परमात्मा को प्राप्त करने के लिए हमें गुरु का आलंबन लेना पड़ता हैं| आज आचार्य महाश्रमणजी के श्री चरणों में हम पहुंचे हैं, जिनकी मुस्कान देखकर ही मन खुश हो जाता है| शांतिदूत अहिंसा यात्रा के प्रवर्तक मैं आपके श्री चरणों में नमन करता हूं, सभी संत समाज को नमन करता हूं, सभी का अभिवादन अभिनंदन करता हूं| 


  संत कृपाराम ने आगे कहा कि मैं आज बहुत सौभाग्यशाली हूं क्योकि आप के दर्शन हुए| जब मैं बहुत छोटा था, लगभग साढ़े दस  वर्ष का था, तब मैंने सूरत में आचार्य महाप्रज्ञ जी के दर्शन किए|  उस समय भी आपके साथ ऐसे ही मंच पर आप श्री के दर्शन हुए थे| यह मेरा सौभाग्य समझता हूं कि मैं उस वक्त उपस्थित था, आपका आशीर्वाद मिला, आपकी वाणी का लाभ मिला|  मुझे कहना यही है कि *मैं तब भी बच्चा था और आज भी बच्चा हूं, संतो के चरणों में तो हमेशा ही बालक बनकर ही रहना चाहिए इसलिए मुझे गौरव है कि मैं बच्चा बनकर आप से कुछ सीखने आया हूं|* पिछले वर्ष आप का चातुर्मास कोलकाता था| वहां से बहुत दूर चेन्नई आपका पधारना हुआ, बहुत सारे क्षेत्रों की डिमांड चातुर्मास की रहती है, लेकिन चेन्नई वासियों की अर्जी स्वीकार हुई और आपका भाग्य खुला, आपकी लॉटरी लगी है| पूज्य आचार्य महाश्रमण जी इस चेन्नई की धरा पर चातुर्मास कर रहे हैं| अहिंसा यात्रा जिसमें नैतिकता, सद्भावना, नशा मुक्ति तीनों आयाम सफल होते हुए निरंतर प्रवृद्धमान है| संत हमेशा सुविधाओं के अभाव में भी स्वयं सुख की कामना न करते हुए लोगों के लिए, मानवता के लिए, जनता के लिए, भक्तों के लिए सुख देने के संदेश प्रसारित करते हैं| आत्मा को किस प्रकार सुखी बनाया जाए, आगे बढ़ाया जाए, मुक्ति की और पहुंचा जाए, यह मार्ग बताते हैं|


  संत कृपारामजी ने एक कहानी के द्वारा समझाया किस प्रकार एक बच्चे के गले में फंसा हुआ सिक्का पैसे वाला निकालता है, उसी प्रकार ज्ञानी गुरु हमारे भीतर दबे हुए ज्ञान को हमारे समक्ष प्रकट करते हैं| ऐसा ही सौभाग्य हम सबको मिला है, चेन्नई वासियों का परम सौभाग्य कि वह इस समय का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि सभी इस चातुर्मास को सफल बना सकें| आचार्य महाश्रमण जी निरंतर अत्यधिक परिश्रम करते हुए जनता के कल्याण के लिए अपना समय लगा रहे हैं, हम सभी का यह दायित्व है इस समय का अधिक से अधिक उपयोग करें| वैरागी बालक जगदीश ने अपने विचार व्यक्त किये|

  साध्वी प्रमुखाश्री कनकप्रभाजी ने फरमाया की मार्ग तो कहीं हैं गुरु सही रास्ता दिखाने वाले हैं, लेकिन सही मार्ग, सही राह गुरू ही बताते है| प्रश्न उठता हैं गुरु कौन?  गुरु वह होता है जो जीने की कला सिखाते हैं, सृजन कला का विकास करते हैं, जिनके प्रवचन से जीवन में रूपांतरण घटित होता है और व्यक्तित्व निर्माण के गुर बताते हैं| गुरू आत्मा से परमात्मा बनने की प्रक्रिया बताते है| *गुरू से नई दृष्टि, नई सृष्टि, नई दिशा, नया बोध मिलता हैं|*


   तेयुप अध्यक्ष श्री भरत मरलेचा एवं श्री गौतमचन्द समदड़ीया ने गुरूवर राजारामजी एवं संत कृपाराम जी का साहित्य द्वारा सम्मान किया|  जैन तेरापंथ नगर आने पर चातुर्मास व्यवस्था समिति की और से अध्यक्ष श्री धरमचन्द लुंकड़ ने अंगवस्त्र द्वारा अभिनन्दन किया| *श्रीमती नेहा मरलेचा ने आठ की तपस्या का प्रत्याख्यान किया|* कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनि श्री दिनेश कुमार जी ने किया| 


मालाणी एक्सप्रेस से गिरकर युवक की मौत

बालोतरा
आज सुबह बालोतरा से जोधपुर जा रही मालानी एक्सप्रेस में से मेगा हाई वे के पुलिया के पास एक युवक गिर गया। गंभीर चोट आने से युवक की मौत हो गई। जानकारी मिलने पर जीआरपी व बालोतरा पुलिस मौके पर पहुची। युवक की शिनाख्त हो गई है।

Monday, August 6, 2018

संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी ने निभाया सामाजिक सरोकार

संजीवनी के तत्वावधान में निःशुल्क जांच शिविर
आयोजित
बालोतरा
संजीवनी क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत बालोतरा में निःशुल्क जांच शिविर आयोजित किया गया ।। एरिया मैनेजर मदन सिंह देवड़ा ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ वांका राम चौधरी ने शिविर में आये लोगो के स्वास्थ्य की जांच की।  डॉक्टर चौधरी ने कहा कि समय समय पर जांच करवाना आवश्यक है ।। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर आयोजित करवाना एक सराहनीय कार्य है और संजीवनी ऐसे कार्यो के लिए हमेशा तत्पर रहती है ।।
इस अवसर पर संजीवनी गोल्ड क्लब अभिकर्ता प्रेम प्रकाश गुप्ता, अशोक गुप्ता सहित अनेक गणमान्य सदस्य एवम अभिकर्ता उपस्तिथ रहे ।। शिविर में कुल 69 व्यक्तियों की जांच की गईं ।। एरिया मैनेजर मदन सिंह देवड़ा नेसंजीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी

अंत मे शाखा प्रबंधक नेमीचंद सोनी ने सभी का आभार व्यक्त किया ।।

Sunday, August 5, 2018

मोक्ष प्राप्ति में सम्यक्त्व आवश्यक : आचार्य श्री महाश्रमण*

*मोक्ष प्राप्ति में सम्यक्त्व आवश्यक : आचार्य श्री महाश्रमण*

   *श्रद्धा और तत्व को समझ कर सम्यक्त्व स्वीकार करने की दी पावन प्रेरणा*

  महातपस्वी के सान्निध्य में बह रही तप की अविरल गंगा

    माधावरम स्थित महाश्रमण समवसरण में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री महाश्रमणजी ने ठाणं सुत्र के दूसरे अध्याय का विवेचन करते हुए कहा कि दर्शन के दो प्रकार बताए गए हैं, सम्यक् दर्शन और मिथ्या दर्शन| वैसे दर्शन शब्द के अनेक अर्थ होते हैं, एक अर्थ है देखना, जैसे मैने गुरू या चारित्र आत्माओं के दर्शन किये| दूसरा अर्थ है प्रदर्शन यानि दिखावा| तीसरा अर्थ है सिद्धांत जैसे जैन दर्शन, बौद्ध दर्शन, भारतीय दर्शन इत्यादि| दर्शन का चौथा अर्थ है आँख (लोचन) जिसके द्वारा देखा जाए| दर्शन का पाँचवा अर्थ है सामान्यग्राही बोध (सामान्य ज्ञान) जैसे पच्चीस बोल के नवमें बोल में चार दर्शन बताये गये हैं| दर्शन का छठा अर्थ होता है तत्वरूचि यानि श्रद्धा, आस्था, आकर्षण| 


  आचार्य श्री ने आगे बताया कि सम्यक् दर्शन यानि वस्तु सत्य के प्रति यथार्थ दृष्टि और मिथ्या दर्शन यानि वस्तु सत्य के प्रति अयथार्थ दृष्टि| सम्यक्त्व का बड़ा महत्व है, यह बड़ा रत्न है| धरती पर तीन रत्न बताये गये हैं पानी, अन्न और अच्छी वाणी| पर सम्यक्त्व इनसे भी बड़ा रत्न है, इसके समान कोई नहीं है|  सम्यक्त्व जैसा मित्र कोई नहीं है, सम्यक्त्व जैसा भाई कोई नहीं है, सम्यक्त्व सबसे बड़ा लाभ हैं, इसके बिना चारित्र की भी कोई कीमत नहीं| सम्यक्त्व अंक के समान हैं, जैसे अंक है, तो शून्य का महत्व है अन्यथा शून्य का कोई महत्व नहीं|


  आचार्य श्री ने आगे कहा कि जयाचार्य ने लिखा है कि सम्यक्त्व के बिना इस जीव ने अनन्त बार चारित्र की साधना की, पर काम नहीं सरा, मोक्ष नहीं मिला| अब हमें सम्यक्त्व प्राप्त हैं, अच्छा लाभ लेना चाहिए|


  आचार्य श्री ने आगे कहा कि संसार में दो तरह के जीव होते हैं भव्य और अभव्य| अभव्य जीव घोर मिथ्यात्वी होता है, वह साधु बन सकता है, आचार्य भी बन सकता हैं, नौ ग्रवैयक (इक्कीसवें)  देवलोक तक जा सकता हैं, जबकि सम्यक्त्वी श्रावक बारहवें देवलोक से आगे नहीं जा सकता, परन्तु अभव्य जीव तो संसार का परिभम्रण ही करेगा, मोक्ष नहीं जा सकता, कारण उसने आचार तो पाला पर उसमें सम्यक्त्व का प्राण नहीं था|


  भव्य - अभव्य बनना हमारे हाथ में नहीं है| मिथ्यात्वी सम्यक्त्वी बन सकता हैं, पर भगवान महावीर यदि दुबारा भी इस धरती पर आ जाये, तो भी अभव्य प्राणी मोक्ष नहीं जा सकता, यह उसका अनादि पारीणामिक भाव हैं, नियति है| 


  आचार्य श्री ने आगे कहा कि श्रद्धा सही हो| सही बात स्पष्ट है, तो स्वीकार कर ले, यह सम्यक् दर्शन का आधार है| स्पष्ट लग जाने पर भी नहीं मानना, मिथ्या बात है, मिथ्यात्व हैं|


  आचार्य श्री ने कहा कि राजा प्रदेशी जो निष्ठुर था, उसके हाथ खून से लाल थे,  धर्म - कर्म नहीं मानता था, नास्तिक विचार धारा वाला व्यक्ति था, परन्तु मुनि कुमार श्रमण केशी का सम्पर्क हुआ, तत्व चर्चा हुई और तत्व को समझ कर नास्तिक से आस्तिक बन गया| हम भी अगर तत्व को समझकर सम्यक्त्व स्वीकार करें तो उसका विशेष महत्व है, ऐसे ही श्रद्धा पूर्वक स्वीकार करें तो वह सामान्य बात है|


  आचार्य श्री ने आगे श्रद्धा का महत्व बताते हुए कहा कि ज्ञानपूर्वक श्रद्धा का महत्व है| श्रद्धा गाय हैं, तो ज्ञान खूंटा है| ज्ञान के खूंटे के बिना श्रद्धा रूपी गाय भटक सकती हैं| सम्यक् ज्ञान का खूंटा है, तो भटकाव नहीं होगा| जो सही बात है, उसके पक्ष में रहे| वीतराग प्रभु की बात सत्य है, नि:शंक है| जीव अजीव आदि नव तत्वों को समझे, देव, गुरू, धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा हो, आत्मा की त्रैकालिक सत्ता पर श्रद्धा हो| सम्यक् दर्शन पृष्ट रहे यह हमारे लिए काम्य हैं|


  मुख्य मुनिश्री महावीरकुमारजी ने आलोचना, निन्दा, गर्हा के बारे में विस्तार से बताते हुए श्रद्धालुओं को स्वयं की आलोचना करने ,अपने दोषों की निन्दा करने और अप्रस्तुत वृति को स्वीकार करने की प्रेरणा दी| मुनिश्री ध्रुवकुमारजी ने शनिवार की सामायिक करने की प्रेरणा दी|


  नम्रता आंचलिया, विमला लोढ़ा, सुधा सेठिया, दमयन्ती बाफणा, शान्ता बाफणा ने 11 की एवं मनीषा आच्छा ने 9 की तपस्या का पूज्य प्रवर के श्री मुख से प्रत्याख्यान किया| श्री देवराज आच्छा ने सुचना दी| कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनि श्री दिनेश कुमार जी ने किया|

    


Saturday, August 4, 2018

प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा 8 को किसान सम्मेलन का आव्हान

प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा  8 अगस्त को किसान सम्मेलन का आव्हान
बालोतरा
  प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा 8 अगस्त को बालोतरा में किसान सम्मेलन का आव्हान किया गया है। समिति प्रवक्ता कानाराम साईं तिलवाड़ा ने बताया कि समिति अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी ने किसानों से उनकी समस्याओं के निवारण के लिए जागरूक होने का आव्हान करते हुए किसान हिट में कमर कसने का आव्हान किया है। उन्होंने बताया कि बालोतरा क्षेत्र की खुशहाली की प्रतीक मरूगंगा लूनी नदी में टेक्सटाइल इकाइयों द्वारा डाले जा रहे रासायनिक प्रदूषित पानी से नदी बंजर हो रही है और किसानों के खेत खराब हो रहे है। साथ ही लूनी नदी में बजरी खनन माफियाओं द्वारा रोक के बावजूद नदी की तली को खोदकर खोखला कर दिया गया है। लूनी नदी से किसानों को खेती के लिए पानी मिलता है लेकिन जलमाफ़िया द्वारा लूनी नदी के किनारों पर बिना अनुमति के बोर वेल खोद दिए गए है जिनसे किसानों के हिस्से का पानी टेक्सटाइल इकाइयों को बेचकर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है ऐसे में खेती व पीने का पानी तक धरती पुत्रो को नही मिलेगा।  स्थानीय प्रसाशन को अनेक बार अवगत करवाये जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नही हो रही है। अतः किसान पुत्रो को एकजुट होने की जरूरत है। इस बाबत प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा दिनांक 8 अगस्त को छतरियों के मोर्चे पर स्तिथ गायत्री माता मंदिर में किसानों की बैठक रखी गयी है। बैठक के बाद किसानो की मांगों को लेकर उपखण्ड अधिकारी बालोतरा को ज्ञापन भी दिया जाएगा। । समिति ने अधिक से अधिक संख्या में आकर किसान एकता का प्रदर्शन करने का आव्हान किया है।

Friday, August 3, 2018

आरपीसीबी के सदस्य सचिव ने एनजीटी में दिया शपथ पत्र

एनजीटी में प्रदूषण रोकथाम याचिका पर हुई सुनवाई

बालोतरा


राष्ट्रीय हरित अधिकरण में आज बालोतरा के टेक्सटाइल उद्योग से निकलने वाले रासायनिक प्रदूषण की रोकथाम को लेकर एडवोकेट दिग्विजय सिंह की ओर से दायर याचीका पर सुनवाई हुई। सुनवाई में प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति के अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। समिति के प्रवक्ता कनाराम साईं तिलवाड़ा ने बताया कि मुख्य पीठ में अधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस राघवेंद्र राठौड़ ने सुनवाई की। जस्टिस राठौड़ ने कहा कि कमिंशनर अजय देशमुख की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को अक्षरसः लागू करना है इसलिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल व सीईटीपी ट्रस्ट समय सीमा एनजीटी को बता दे ताकि उसके बाद एनजीटी कोई एक्शन ले सके। इस पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल जयपुर के सदस्य सचिव अरुण प्रसाद ने  इस बाबत शपथ पत्र दिया कि बालोतरा में 18 एमएलडी के आरओ का निर्माण दिसंबर 2019 तक पूरा होगा उसके बाद कमिंशनर देशमुख के सुझावों को लागू करने में मंडल सक्षम होगा। एनजीटी ने चेतावनी दी कि इसके बाद भी हालातो में सुधार नही होने पर टेक्सटाइल उद्योग के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। एनजीटी ने आरओ प्लांट के निर्माण की प्रतिदिन की प्रोग्रेस कोर्ट को प्रेक्षित करने के भी निर्देश दिए। एडवोकेट दिग्विजय सिंह से एनजीटी ने वर्तमान हालातो के बारे में सुझाव भी मांगे गए जिस पर दिग्विजय सिंह ने गुप्त सुझाव दिए। मामले में अगली पेशी 23 अगस्त को होगी। 


Thursday, August 2, 2018

एमबीआर पीजी महाविद्यालय में व्याख्यातो के तबादलों का छात्रों ने किया विरोध

बालोतरा
पहले से पद रिक्त की कमी से बदहाल एमबीआर पीजी कॉलेज में से अभी और व्याख्यातो के तबादले हो गए है। कंगाली में आटा गीला वाली कहावत कॉलेज पर लागू हो रही है। व्याख्यातो के तबादलों से कॉलेज में शिक्षण व्यवस्था लड़खड़ा जाएगी। व्याख्यातो की कमी से परेशान छात्रों ने कॉलेज में प्रदर्शन किया और व्याख्यातो के तबादलों को निरस्त करने की मांग की। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्राचार्या को ज्ञापन दिया।

टेक्सटाइल इकाइयों के रासायनिक प्रदूषण से लूनी नदी का पेयजल हो रहा खराब-अजित

फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त दूषित पानी का पेयजल में उपयोग होने से संक्रमण बीमारियां फैलने का अंदेशा पर सरकार गंभीर नही: हुकम सिंह।

खनन प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव पंकज प्रताप सिंह झालामण्ड का अजीत में भव्य स्वागत।

समदड़ी


राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी खनन प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश महासचिव पंकज प्रताप सिंह झालामण्ड का पैतृक गाँव रनिया देशीपुरा आगमन पर अजीत बस स्टैंड पर सेवादल प्रदेश संगठन मंत्री हुकम सिंह अजीत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने साफा पहनाकर व फूल मालाओं से भव्य स्वागत कर अभिनंदन किया गया।

झालामण्ड ने उपस्थित कांग्रेसजनों व ग्रामीणों का आभार जताते हुए पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी को पूर्णतः ईमानदारी व समर्पण भाव से निभाते हुए संगठन को ओर मजबूत करने की बात कही व कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में गाँव गरीब की हिमायती कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाएंगे।



इस दौरान कांग्रेस सेवादल प्रदेश संगठन मंत्री हुकम सिंह अजीत ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, एआईसीसी संगठन महासचिव पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, एआईसीसी सचिव पूर्व सांसद हरीश चौधरी, खनन प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ दुर्गा सिंह राठौड़ बाली सहित वरिष्ठ कांग्रेसजनों का आभार जताते कहा कि झालामण्ड की नियुक्ति पर क्षैत्र में खुशी की लहर है व पार्टी को ओर ज्यादा मजबूती मिलेगी। 

साथ ही अजीत ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से लूणी नदी में उद्योगपतियों और सरकार की साँठ गाँठ से हो रहे केमिकल युक्त दूषित पानी के प्रवाह क्षैत्र में चुनाव सिर पर होने के कारण सरकार के मंत्री प्रभावित  

क्षैत्र के किसानों के दुःख दर्द को मजबूरन सुनकर मात्र औपचारिकता पूरी कर रहे है जबकि दूषित पानी के भराव क्षैत्र में बने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग के कुओं के दूषित पानी को पेयजल के तौर पर उपयोग में लेने से क्षैत्र में संक्रमण व बीमारियां फैल रही है उपजाऊ भूमि बंजर हो रही है पैदावार का आंकड़ा मात्र एक तिहाई राह गया है लेकिन सरकार का गंभीर ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है अतः भाजपा सरकार कथनी और करनी को किसान वर्ग भली भांति समझ चुका है। अस्पताल में चिकित्सकों सहित नर्सिंग स्टाफ की पद रिक्तता व निःशुल्क जाँच दवाइयां के अभाव में, आसमान छूती तेल की कीमतों से खरीफ बुवाई प्रभावित हुई है दूर दराज क्षैत्र के विद्यालयों में पद रिक्तता से ग्रामीण छात्रों की पढ़ाई पूर्ण रूप से प्रभावित हो रही है जिससे भाजपा सरकार के खिलाफ आमजन में भारी रोष है।

इस दौरान पूर्व पंचायत समिति सदस्य बाबूलाल सैन, खेजड़ियाली सरपंच प्रतिनिधि व कांग्रेस अनुसूचित जनजाति विभाग जिला महासचिव मदन लाल भील, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग ब्लॉक अध्यक्ष गुल मोहम्मद रंगरेज, कमठा मजदूर यूनियन नगर अध्यक्ष खीमाराम मेघवाल, अधिवक्ता अमरद्दीन मेहर, भँवर सिंह पडियार, समाजसेवी मांगीलाल पटेल, युवा कांग्रेस खेजड़ियाली नगर अध्यक्ष धनवीर सिंह भाटी, बहादुर सिंह राजपुरोहित, बाबूलाल, पुखराज सिंह राजपुरोहित, शैतान सिंह, सकाराम भील, घेवरराम सरगरा, विजय माली, लालचन्द सोनी, प्रेमाराम सुथार, रामू माली सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

स्वर्णकार समाज महासभा ने मुख्य मंत्री से की मुलाकात

सोनी समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारियो ने मुख्य मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  स्वर्णकार समाज बकी विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया
जयपुर
अखिल भारतीय ब्राह्मण स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम महेचा जोधपुर के नेतृत्व में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनी समदड़ी ,कोषाध्यक्ष धूड़ाराम सोनी पोकरण सहित 8 सदस्य प्रतिनिधि मंडल ने जयपुर जा कर मुख्यमन्त्री वशुधरा राजे व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उच्च अधिकारियों से रूबरू होकर स्वर्णकार समाज को सरकार में प्रतिनिधित्व देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौपा।  महासभा के प्रचार मंत्री  दुष्यंत सोनी  ने बताया कि स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय प्रतिनिधी मण्डल में शामिल महासभा अध्यक्ष दौलाराम सोनी जोधपुर, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनी समदड़ी,कोषाध्यक्ष धूड़ाराम सोनी पोकरण ,  सदस्य घनस्याम कट्टा जयपुर , जयपुर पंचायत सभा अध्यक्ष गोपाल लाल सोनी , बीकानेर जयपुर समाज अध्यक्ष हरिप्रकाश सोनी , सदस्य धर्मेश कुमार ज्ञानचन्द सोनी ने  मुख्यमंत्री से मुलाकात की।  राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम सोनी ने मुख्यमंत्री से कहा कि जोधपुर में स्वर्णकार समाज के हजारो छात्र छात्राऐ अध्यनरत है पर उनके रहने के लिए हमारे पास जमीन नही है इस लिए हमारे समाज के विधार्थियो के रहने हेतु छात्रावास की जमीन सरकार उपलब्ध करवाए ताकी इन विधार्थियो रहने के अभाव में पढ़ाई नही छोड़नी पड़े।  सोनी समाज पिछड़ी जाती में भी शामिल है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कोटड़िया समदड़ी ने कहा कि हस्तकला के विकास हेतु वर्तमान सरकार ने केश कला सहित कई बोर्डो का गठन किया है पर भारत की सबसे प्राचीन कलाओ में एक स्वर्णकला भी है इसे नजर अंदाज किया गया है अतः स्वर्णकला बोर्ड का गठन कर स्वर्णकार समाज के बन्धु को सरकार में प्रतिनिधित्व  दिया जावे ।  कोषाध्यक्ष धूड़ाराम सोनी पोकरण ने बताया  कि स्वर्णकला कार्य से जुड़े सोनी समाज व ऐसे कई कमजोर वर्ग के महिला पुरुष व युवा है जिसकी आजीविका सिर्फ स्वर्णकारी कार्य है,  स्वर्णकला बोर्ड बनने से इन सभी कारीगरों को सम्बल मिलेगा व जोधपुर में होस्टल से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा ।
मुख्यमंत्री ने आश्वाशन दिया कि समाज की मांगो पर ध्यान दिया जाएगा
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत  से भी मुलाकात कर इन सभी मांगो का ज्ञापन सौपा।  अशोक गहलोत ने कहा कि सभी हमारी सरकार नही है सरकार बनेगी तो आपकी इस मांगो पर जरूर विचार किया जाएगा

Wednesday, August 1, 2018

रीको में 106 इकाइयों की संबंद्धता का मामला, बंद करवाने को लेकर पत्र भेजा

प्रदूषण निवारण एवम पर्यावरण संरक्षण समिति बालोतरा ने  राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की चेयर पर्सन को ज्ञापन भेजकर सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा द्वारा 106 इकाइयों को अवैध रूप से संचालित किए जाने के मामले में अभी तक उन इकाइयों को बंद नही करवाये जाने को लेकर कार्यवाही की मांग की है। समिति प्रवक्ता कानाराम साईं तिलवाड़ा ने बताया कि ज्ञापन में बताया गया कि सीईटीपी ट्रस्ट बालोतरा व जसोल द्वारा प्रदूषण नियंत्रण  मंदल की अनुमति के बिना संचालित अवैध इकाइयों के खिलाफ आप द्वारा कार्यवाही के निर्देश के बावजूद भी आज दिन तक सीईटीपी ट्रस्ट व प्रबोधन कमिटी ने कोई कार्यवाही नही की है। पिछले दो वर्षो से आज तक लगातार मंडल की अनुमति के बिना 106 टेक्सटाइल इकाइयों के संचालन निर्बाध रूप से जारी है। ट्रस्ट ने केवल उन 106 इकाइयों को नोटिस देकर खानापूर्ति कर दी है। 106 इकाइयों के संचालन लगातार जारी है। आज भी बालोतरा एचआरटीसी से रिसकर प्रदूषित पानी लूनी नदी में जा रहा है जो एनजीटी के आदेश की खुली अवहेलना है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल के स्थानीय अधिकारी लूनी नदी के हालातों के जानकारी है फिर भी कोई कार्यवाही नही हो रही है। रीको औद्योगिक क्षेत्र सहित आस पास के इलाकों में बड़ी तादाद में स्लज के ढेर लगे हुए है। बिठुजा सीईटीपी भी अनेक इकाइयों के अवैध संचालन कर रहा है जिनका प्रदूषित पानी सीधे लूनी नदी में जा रहा है।समिति ने  106 इकाइयों के खिलाफ कार्यवाही कर उन इकाइयों को तुरंत बंद करवाने की मांग कर  एनजीटी के आदेश की पालना करवाने की बात कही।

सर्व समाज ने दिया ज्ञापन

हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार को लेकर सर्व समाज द्वारा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बालोतरा वफ्फ बिल के विरोध की आड़ में सुनिश्चित योजना...